देश में SC-ST-OBC समाज के लिए 2014 के बाद 10 साल में कितना काम हुआ? PM मोदी ने लोकसभा में आंकड़ों के जरिए समझाया
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जाति की बातें करना कुछ लोगों का फैशन बन गया है।
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PM Modi In Lok Sabha: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जाति की बातें करना कुछ लोगों का फैशन बन गया है। पिछले 30 साल से सदन में आने वाले ओबीसी समाज के सांसद दलों के भेदभाव से ऊपर उठकर एक होकर मांग कर रहे थे कि ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया जाए। जिन लोगों को आज जातिवाद में मलाई दिखती है, उन लोगों को उस समय ओबीसी की याद नहीं आई। हमने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि हर सेक्टर में एससी, एसटी, ओबीसी को ज्यादा से ज्यादा अवसर मिले उसे दिशा में हमने बहुत मजबूती के साथ काम किया है। मैं आज इस सदन के माध्यम से देशवासियों को उनके सामने एक सवाल रखना चाहता हूं कि क्या एक ही समय पर संसद में एससी वर्ग के एक ही परिवार के तीन सांसद कभी हुए हैं क्या? एससी वर्ग के एक ही परिवार के तीन सांसद कभी भी हुए हैं क्या? मैं दूसरा सवाल पूछता हूं कोई मुझे बताएं एक ही कालखंड में एक ही समय में संसद में एसटी वर्ग के एक ही परिवार के तीन एमपी हुए हैं क्या? आदरणीय अध्यक्ष जी कुछ लोगों की वाणी और व्यवहार में कितना फर्क होता है, मेरे एक सवाल के जवाब में दिख गया। जमीन-आसमान का अंतर होता है, रात दिन का अंतर होता है।
पीएम मोदी ने बताया 10 सालों में SC-ST-OBC के लिए क्या किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम एससी-एसटी समाज को कैसे सशक्त कर रहे हैं वो समाज में तनाव पैदा किए बिना, एकता की भावना को बरकरार रखते हुए। समाज के वंचितों का कल्याण कैसे किया जाता है इसका मैं एक उदाहरण देता हूं। 2014 से पहले हमारे देश में मेडिकल कॉलेज की संख्या 387 थी, आज 718 मेडिकल कॉलेज हैं, अब मेडिकल कॉलेज बड़े हैं तो सीट भी बढ़ी हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण एंगल है और इसलिए कॉलेज बढ़ें हैं, सीट भी बढ़ीं हैं। 2014 से पहले हमारे देश में एससी छात्रों की एमबीबीएस की सीट 7700 थीं, 10 साल हमने काम किया आज संख्या बढ़कर एससी समाज के 17,000 एमबीबीएस डॉक्टर बन सकते हैं। अगर दलित के समाज का कोई कल्याण कर सकता है वह भी समझ में तनाव लाए बिना, एक दूसरे का सम्मान बढ़ाते हुए हमने यह काम किया।
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OBC की MBBS की सीटें बढ़कर 32,000 हो गई- पीएम मोदी
पीएम ने कहा कि 2014 से पहले एसटी छात्रों के लिए एमबीबीएस की सीट 3,800 थीं, आज यह संख्या बढ़कर लगभग 9,000 हो गई। 2014 से पहले ओबीसी के छात्रों के लिए एमबीबीएस में 14,000 से भी काम सीट थीं, आज इनकी संख्या लगभग 32,000 हो गई है। पिछले 10 साल में हर सप्ताह एक नई यूनिवर्सिटी बनी है, हर दिन एक नई आईटीआई बनी है, हर 2 दिन में एक नया कॉलेज खुला है, सोचिए एसस-एसटी और ओबीसी के युवाओं के लिए कितनी वृद्धि हुई है इसका अंदाजा लगा सकते हैं।