Parliament: भारी हंगामे के बीच महिला आरक्षण और परिसीमन बिल लोकसभा में पेश, सपा बोली- जब तक मुस्लिम महिलाएं शामिल नहीं होंगी, हम...
Lok Sabha: संसद का विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल तक चलेगा। सत्र के पहले दिन लोकसभा में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन बिल पेश कर दिया है। बिल के लोकसभा में पेश करते ही कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने इसका विरोध किया।
- भारत
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Parliament Special Session: संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र की शुरुआत हो गई है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 को सदन में पेश किया। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 को पेश किया। बिल पेश होते ही सदन में जोरदार हंगामा हुआ।
सपा ने उठाई मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण की मांग
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि ये जो तीनों बिल आए हैं, हम उनका पुरजोर विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि महिला बिल की चासनी के नाम पर जो हाल कश्मीर और असम का हुआ है, वही पूरे देश के साथ करने का प्रयास है। हम विपक्ष की ओर से इसका विरोध करेंगे। इस बिल के अंदर जब तक पिछड़े वर्ग और मुस्लिम वर्ग की महिलाएं शामिल नहीं की जाएंगी, हम समाजवादी लोग इसका साथ नहीं देंगे। समाजवादी पार्टी से बड़ा महिलाओं का हितैषी इस देश की कोई पार्टी नहीं है। सरकार से अनुरोध है कि बिल को वापस लिया जाए। 2023 के बिल को लागू किया जाए।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि धर्म के नाम पर रिजर्वेशन नहीं हो सकता। ये संविधान में नहीं है। पूरे देश की महिलाओं के लिए बात करनी चाहिए, ये राजनीति है।
अखिलेश के बयान पर अमित शाह का पलटवार
इसके बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव खड़े हुए। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण लागू करने की इतनी जल्दबाजी क्यों है। मैं समर्थन में हूं। आप जनगणना क्यों नहीं करना चाहते। क्योंकि जनगणना होगी, तो हम जाति गणना मांगेंगे। इसके बाद हम आरक्षण मांगेंगे, इसलिए ये धोखा देकर आना चाहते हैं।
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गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि अखिलेश जी ने कहा कि जनगणना क्यों नहीं हो रही? मैं सदन के माध्यम से देश की जनता को बताना चाहता हूं कि जनगणना का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि हम जाति जनगणना की मांग करेंगे। मैं बताना चाहता हूं कि सरकार ने जाति की जनगणना करने का निर्णय ले चुकी है और जाति के साथ ही यह जनगणना हो रही है।
अमित शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि धर्मेंद्र जी कह रहे हैं कॉलम नहीं है। उनको पता होना चाहिए कि अभी घरों की गिनती हो रही है और घरों की जाति नहीं होती है। जब लोगों की गण्ना होगी तो जाति की भी गणना होगी। समाजवादी पार्टी की चलें तो घरों की भी जाति तय कर दे। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि मुस्लिमों को धर्म के आधार पर आरक्षण गैर संवैधानिक है, इसका सवाल ही पैदा नहीं होता।