टैरिफ में कटौती की जानकारी भारत सरकार से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों दी? कांग्रेस ने उठाया था सवाल, अब पीयूष गोयल ने बता दी वजह

भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की थी। इसके बाद कांग्रेस ने इस ऐलान पर कई सवाल उठाए।

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Piyush Goyal India Recap
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से अमेरिका से निवेश आएगा | Image: ANI

भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की थी। इसके बाद कांग्रेस ने इस ऐलान पर कई सवाल उठाए। कांग्रेस ने कहा कि इसकी जानकारी भारत सरकार ने ट्रंप से पहले क्यों नहीं दी?

अब कांग्रेस के सवालों का जवाब वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दिया है। उन्होंने बताया है कि ये क्यों जरूरी था कि टैरिफ में कटौती की जानकारी ट्रंप ही दें।

क्या बोले पीयूष गोयल?

अनाउंसमेंट की टाइमिंग को लेकर चिंताओं पर बात करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका ने इस समझौते की घोषणा करने में पहल की क्योंकि इसमें पहले लगाए गए टैरिफ को वापस लेना शामिल था। उन्होंने कहा, "अमेरिका ने सबसे पहले पोस्ट किया क्योंकि उन्होंने रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए थे, और उन्हें इसे कम करना था, इसलिए यह स्वाभाविक है क्योंकि उन्हें टैरिफ कम करने थे। राष्ट्रपति ट्रंप को ही इसकी जानकारी देनी थी।"

गोयल ने आगे कहा कि यह समझौता दोनों नेताओं के बीच बेहतर द्विपक्षीय संबंधों और आपसी सम्मान को दिखाता है। उन्होंने कहा, "मैं डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने पीएम मोदी की दोस्ती का सम्मान किया," और कहा कि "आगे चलकर, अमेरिका-भारत संबंध बेहतर होंगे" और "भारत-अमेरिका संबंध और मजबूत होंगे, और एक उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करेंगे।"

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गोयल के अनुसार, इस डील से भविष्य के सेक्टर्स में अमेरिकी निवेश आने की उम्मीद है। उन्होंने भारत की ग्लोबल सप्लाई चेन में बढ़ती भूमिका की ओर इशारा करते हुए कहा, "AI, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, इन सेक्टर्स में अमेरिका से निवेश आएगा।"

इस समझौते से एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड और ज्यादा रोजगार देने वाले उद्योगों को भी फायदा होने की संभावना है। गोयल ने कहा, "लेबर इंटेंसिव सेक्टर, IT सेक्टर इस डील से खुश हैं," और उन्होंने आगे कहा कि "इंजीनियरिंग सेक्टर, MSME सेक्टर, टेक्सटाइल सेक्टर, रत्न और आभूषण, समुद्री सामान को इस डील से कई मौके मिलेंगे।"

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उन्होंने आगे कहा कि "ऑटो कंपोनेंट्स, एयरक्राफ्ट पार्ट्स, सभी इंजीनियरिंग सामान, टेक्सटाइल, चमड़ा और समुद्री उत्पादों को इस ट्रेड डील के तहत महत्वपूर्ण अवसर मिलेंगे।"

FY25 में अमेरिका को भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट $78 बिलियन से ज्यादा हो गया, जिससे अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बन गया। वाणिज्य मंत्रालय के डेटा के अनुसार, इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, रत्न और आभूषण जैसे सेक्टर मिलकर अमेरिका को भारत के कुल एक्सपोर्ट का 60% से ज्यादा हिस्सा बनाते हैं।

'संवेदनशील कृषि उत्पाद, डेयरी सुरक्षित'

कृषि से जुड़ी चिंताओं पर गोयल ने कहा कि संवेदनशील सेक्टर्स को सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा, "पीएम ने हमेशा कृषि और डेयरी सेक्टर की चिंताओं का ध्यान रखा है। हमने किसानों और डेयरी सेक्टर से जुड़े लोगों के हितों से कभी समझौता नहीं किया है।"

उन्होंने दोहराया कि "अमेरिकी ट्रेड डील में संवेदनशील कृषि उत्पाद, डेयरी सुरक्षित हैं।" भारत ने पारंपरिक रूप से आजीविका की चिंताओं के कारण डेयरी और कुछ चुनिंदा कृषि उत्पादों पर सख्त सुरक्षा उपाय बनाए रखे हैं, क्योंकि यह सेक्टर 80 मिलियन से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को सहारा देता है।

इस समझौते को अर्थव्यवस्था के लिए लंबे समय का सकारात्मक कदम बताते हुए गोयल ने कहा, "यह ट्रेड डील भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक कदम आगे है। यह सिर्फ एक ट्रेड डील नहीं है, बल्कि भारत के महान भविष्य और तेज आर्थिक विकास का संकेत है।" उन्होंने आगे कहा कि सभी उद्योगों से प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है, और कहा कि “भारत के सभी सेक्टर इस ट्रेड डील से खुश हैं।”

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Published By:
 Kunal Verma
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