कौन हैं भारत की अफसर बिटिया पेटल गहलोत जिन्‍होंने UNGA में पकड़ ली शहबाज की गर्दन, लादेन का नाम लेकर दुनिया के सामने खोल दी पाकिस्तान की पोल

पेटल गहलोत भारत की अनुभवी राजनयिक हैं। वह फिलहाल संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेट्री यानी प्रथम सचिव हैं।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Who Is Petal Gahlot, Indian Diplomat Who Schooled Pakistan PM Shehbaz Sharif At UN For Second Time?
कौन हैं भारत की अफसर बिटिया पेटल गहलोत जिन्‍होंने UNGA में पकड़ ली शहबाज की गर्दन, लादेन का नाम लेकर दुनिया के सामने खोल दी पाकिस्तान की पोल | Image: X

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भड़काऊ भाषण का भारत ने बेहद कड़े शब्दों में जवाब दिया है। भारत ने 'राइट ऑफ रिप्लाई' (जवाब देने के अधिकार) का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद, मानवाधिकार, कश्मीर और लोकतांत्रिक मूल्यों के मुद्दे पर पूरी दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने मोर्चा संभालते हुए शरीफ की टिप्पणियों को 'अजीब और पाखंडी' करार दिया।

भारत ने दुनिया को 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी की याद दिलाते हुए पाकिस्तान के आतंकवाद-प्रेम की पोल खोली। पेटल गहलोत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान किस मुंह से शांति की बात कर रहा है, जबकि 9/11 का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की प्रमुख सैन्य अकादमी के बिल्कुल करीब ऐशो-आराम से रह रहा था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने यूएन में जिस सेना की तारीफों के पुल बांधे, उसी ने दुनिया के सबसे बड़े आतंकी को पनाह दी थी।

'फॉर्म 47 सरकार' और सेना के शासन पर निशाना

पाकिस्तान में लोकतंत्र की खस्ताहाल स्थिति पर प्रहार करते हुए गहलोत ने शहबाज शरीफ की सरकार को 'फॉर्म 47 सरकार' (कथित धांधली से बनी सरकार) करार दिया। उन्होंने कहा- 'पाकिस्तान एक ऐसा देश है जहां का शासन सेना का, सेना द्वारा और सेना के लिए है। वहां के कठपुतली नेता केवल दिखावा हैं, जबकि असली सत्ता सेना के हाथों में है।'

Advertisement

इस दौरान भारत ने पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन का भी जिक्र किया, जिसके जरिए देश के 'वास्तविक शासकों' (सेना) को आजीवन छूट दे दी गई है। गहलोत ने कहा कि जो सरकार अपने ही नागरिकों से डरी हुई हो और खुद को बचाने के लिए राजधानी में किलेबंदी कर रही हो, उसके मुंह से लोकतांत्रिक मूल्यों पर उपदेश सुनना हास्यास्पद है।

धार्मिक असहिष्णुता और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार

Advertisement

अल्पसंख्यकों के प्रति पाकिस्तान के क्रूर रवैये को उजागर करते हुए भारत ने कहा कि वहां ईशनिंदा कानूनों का इस्तेमाल लोगों को प्रताड़ित करने के लिए होता है। गहलोत ने कहा कि पाकिस्तानी नेता दिन के उजाले में सुरक्षा का ढोंग करते हैं, लेकिन अंधेरे में आतंकवाद को खाद-पानी देते हैं। पूरी दुनिया पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की दयनीय स्थिति से भली-भांति परिचित है।

कश्मीर पर अटल रुख और PoK का सच

शहबाज शरीफ द्वारा कश्मीर का राग अलापे जाने पर भारत ने दो टूक कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। गहलोत ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा कि अगर मानवाधिकारों की बात करनी ही है, तो उसे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) के रावलकोट पर ध्यान देना चाहिए। वहां के नागरिक लंबे समय से मनमानी हत्याओं, क्रूर हिंसा और बुनियादी अधिकारों के हनन का शिकार हो रहे हैं।

'ऑपरेशन सिंदूर' और सीमा पार आतंकवाद पर सख्त चेतावनी

भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि सीमा पार आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गहलोत ने चेतावनी दी कि आतंकवादियों के लिए अब छिपने की कोई जगह नहीं बची है और पाकिस्तान को अपने कृत्यों के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

इससे पहले, पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने अपने 23 मिनट के भाषण में कश्मीर मुद्दे के 'न्यायपूर्ण समाधान' की मांग की थी। उन्होंने 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष का हवाला देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके 'समय पर हस्तक्षेप' के लिए धन्यवाद दिया था। हालांकि, भारत हमेशा से किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को खारिज करता आया है।

गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले (जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी) के जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च किया था। इस सैन्य कार्रवाई के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoJK में घुसकर आतंकी ठिकानों और उनके बुनियादी ढांचे को नेस्तनाबूद कर दिया था। भारत ने यूएन में एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने का अधिकार वह आगे भी इसी तरह इस्तेमाल करता रहेगा।

कौन हैं पेटल गहलोत?

पेटल गहलोत भारत की अनुभवी राजनयिक हैं। वह फिलहाल संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में फर्स्ट सेक्रेट्री यानी प्रथम सचिव हैं। जुलाई 2023 में उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन में यह जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले गेहलोत विदेश मंत्रालय के यूरोप वेस्ट डिविजन में अंडरसेक्रेट्री रह चुकी हैं। वह पेरिस और सैन फ्रांसिस्को में भारतीय मिशनों में भी काम कर चुकी हैं।

पेटल गहलोत की पढ़ाई भी काफी खास रही है। उन्होंने मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस, सोशियोलॉजी और फ्रेंच लिटरेचर की पढ़ाई की। इसके बाद लेडी श्रीराम कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स किया। अमेरिका के मिडिलबरी इंस्टीट्यूट से उन्होंने लैंग्वेज इंटरप्रिटेशन और ट्रांसलेशन में भी मास्टर्स किया। डिप्लोमैट होने के साथ-साथ गहलोत को म्यूजिक का भी शौक है और वह गिटार बजाती हैं।

सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में में भारत के राइट ऑफ रिप्लाई (Right of Reply) के दौरान पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के दावों का जवाब दिया था। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को पनाह देने और गलत नैरेटिव फैलाने पर एक्सपोज़ किया था। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए पेटल गेहलोत ने कहा था कि लड़ाई रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना ने सीधे भारत से संघर्ष विराम की अपील की थी। उन्होंने पाकिस्तान के ‘जीत’ के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि अगर तबाह रनवे और जले हुए हैंगर जीत जैसे दिखते हैं, तो पाकिस्तान इसका आनंद ले सकता है।’

इसे भी पढ़ें- लाल टीशर्ट पर अर्बन माइंडसेट का स्‍लोगन देख किया था कमेंट, नशे में थे लॉ स्‍टूडेंट्स...दिल्ली के मुखर्जी नगर में छात्रा से छेड़छाड़ मामले में खुलासा

Published By:
 Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड