NSUI ने नहीं दिया टिकट तो बने निर्दलीय, बस कंडक्टर के बेटे दीपांशु शौकीन का DUSU चुनाव में जलवा

DUSU election results: दीपांशु शौकीन ने DUSU उपाध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बड़ी जीत हासिल की है। इससे पहले NSUI द्वारा टिकट न दिए जाने के बावजूद उन्होंने निर्दलीय लड़ने का फैसला लिया था। उनके पिता एक बस कंडक्टर हैं।

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deepanshu shokeen dusu election result
NSUI ने नहीं दिया टिकट तो बने निर्दलीय, बस कंडक्टर के बेटे का DUSU चुनाव में जलवा | Image: X

DUSU election results: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DUSU) के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एवीबीपी) की जीत से ज्यादा एक निर्दलीय उम्मीदवार की चर्चा सबसे अधिक है। DUSU परिणाम में सबसे अधिक चर्चा निर्दलीय उम्मीदवार, दीपांशु शौकीन की हो रही है, जिन्हें ABVP और NSUI के उम्मीदवारों को बुरी तरह हराकर DUSU का उपाध्यक्ष का पद पर कब्जा कर लिया है।

DUSU चुनाव में दीपांशु ने अपने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी अरण्य सिंह राठौर को करीब 8 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है। बताया जाता है कि उपाध्यक्ष पद के प्रचार के दौरान पूरी यूनिवर्सिटी कैंपस में नंगे पैर घूम-घूमकर प्रचार किया। रिजल्ट के बाद अब हर जगह उनकी ही चर्चा हो रही है।

DTC कंडक्टर के बेटे ने DUSU चुनाव में मारी बाजी

DUSU चुनाव में उपाध्यक्ष पद के विजेता दीपांशु शौकीन मूल रूप से बाहरी दिल्ली के पीरागढ़ी के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि दीपांशु शौकीन के पिता बस कंडक्टर हैं और उनकी मां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। शहीद भगत सिंह कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्तमान में डीयू से 'बुद्धिस्ट स्टडीज' में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) कर रहे हैं।

DUSU चुनाव में 'नंगे पैर' संघर्ष

बता दें कि 6 सितंबर को सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद, जिसमें DU के 5 छात्रों समेत 7 लोगों की मौत हो गई थी, के घटना के बाद दीपांशु शौकीन ने नंगे पैर चुनाव प्रचार करने और रहने का संकल्प लिया था। इस घटना के बाद उन्होंने छात्रों के रहने की व्यवस्था (अकोमोडेशन) का मुद्दा जमकर उठाया था।

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आखिरी समय में NSUI ने दिया धोखा

दीपांशु शौकीन NSUI के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में कैंपस में छात्रों के मुद्दों पर चौबीसों घंटे खड़े रहे, लेकिन अंतिम समय में NSUI ने उनका टिकट काटकर कांग्रेस के एक बड़े नेता के बेटे को थमा दिया गया। इसके बाद दीपांशु शौकीन ने चुनाव में निर्दलीय पर्चा भरा और अपने चुनाव प्रचार में लगे रहे, जिसका फल उन्हें आज मिला है।

चारों पदों पर विजेताओं के नाम

  • अध्यक्ष: यश डबास (ABVP)
  • उपाध्यक्ष: दीपांशु शौकीन (निर्दलीय)
  • सचिव: रिया छाबड़ी (ABVP)
  • संयुक्त सचिव: लक्ष्य राज सिंह (ABVP) 

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Published By:
 Sahitya Maurya
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