'उनसे पूछिए, इन डॉक्टरों को ये रास्ता क्यों अपनाना पड़ा... वो कब मानेंगे कि हम हिंदुस्तानी हैं', नौगाम ब्लास्ट के बाद बोले फारूक अब्दुल्ला
Nowgam Police Station Blast: नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने नौगाम पुलिस स्टेशन विस्फोट पर कहा कि जो जिम्मेदार हैं, उनसे पूछें कि क्यों इन डॉक्टरों को ये रास्ता अपनाना पड़ा? क्या वजह थी? इसकी गहरी जांच की जरूरत है।
- भारत
- 3 min read

Nowgam Police Station Blast: नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने नौगाम पुलिस स्टेशन विस्फोट पर कहा कि हम अभी दिल्ली में धमाके से बाहर नहीं निकले हैं, जहां हर कश्मीरी पर उंगलियां उठाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जो जिम्मेदार हैं, उनसे पूछें कि क्यों इन डॉक्टरों को ये रास्ता अपनाना पड़ा? क्या वजह थी? इसकी गहरी जांच की जरूरत है।
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के नौगाम में शुक्रवार आधी रात के आसपास स्थानीय पुलिस थाने में एक भीषण विस्फोट हुआ। खबरों के अनुसार, जब्त किए गए अमोनियम नाइट्रेट के एक बड़े भंडार की नियमित जांच के दौरान एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ जिससे थाने में माहौल भयावह हो गया। इस विस्फोट में 9 लोगों की मौत हो गई और अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
फारूक अब्दुल्ला का बयान
फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "ये हमारी गलती है। जो लोग इस विस्फोटक को बेहतर समझते हैं, हमें पहले उनसे बात करनी चाहिए थी कि इससे कैसे निपटना है। आपने इसका नतीजा देखा, 9 लोगों की जान चली गई। वहां घरों को कितना नुकसान हुआ। हम अभी दिल्ली में धमाके से बाहर नहीं निकले हैं, जहां हर कश्मीरी पर उंगलियां उठाई जा रही हैं। वो दिन कब आएगा जब वो मानेंगे कि हम हिंदुस्तानी हैं और हम इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं।"
कैसे हुआ विस्फोट?
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए घातक विस्फोट में नौ लोगों की मौत और 32 अन्य के घायल होने के बाद शनिवार सुबह जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि जांच से विस्फोट के कारणों का पता लगाया जाएगा। इस बीच, अधिकारियों ने कहा है कि यह विस्फोट कोई आतंकी हमला नहीं था, बल्कि फोरेंसिक सैंपलिंग प्रक्रिया के दौरान ये हादसा हुआ था।
Advertisement
विस्फोट में हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त करते हुए LG ने कहा, "श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए अत्यंत दुखद आकस्मिक विस्फोट में हुई बहुमूल्य जानों की हानि से मैं बहुत दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।"
जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जोर देकर कहा कि इस घटना को लेकर किसी भी तरह की अटकलबाजी "अनावश्यक" है। डीजीपी ने बताया कि हमले में मारे गए लोगों में राज्य जांच एजेंसी (SIA) का एक अधिकारी, फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) के तीन कर्मचारी, घटनास्थल के दो फोटोग्राफर, मजिस्ट्रेट की टीम की सहायता कर रहे दो राजस्व अधिकारी और ऑपरेशन से जुड़ा एक टेलर शामिल हैं।