पहलगाम में मरे शुभम द्विवेदी के घर ना जाने को लेकर अखिलेश यादव क्यों इतने असहज? फिर टाल गए सवाल का जवाब
अखिलेश यादव कुशीनगर में शुकरूल्ला अंसारी को श्रद्धांजलि दे आए, लेकिन जब शुभम द्विवेदी को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब देने की बजाय बात को घुमा दिया।
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Akhilesh Yadav: पहलगाम अटैक के बाद अखिलेश यादव अपने एक बयान को लेकर पहले ही विवादों में हैं। भारतीय जनता पार्टी सपा मुखिया के खिलाफ आक्रोशित है। पहलगाम में मारे गए शुभम द्विवेदी के घर जाने से अखिलेश यादव ने लगभग इनकार कर दिया था। विवाद के बावजूद अखिलेश यादव शुभम द्विवेदी को लेकर असहज दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि पिछले दिन उन्होंने फिर सवाल पूछा गया था, जिसका जवाब उन्होंने नहीं दिया।
अखिलेश यादव शनिवार को कुशीनगर गए। यहां पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शुकरूल्ला अंसारी को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश ने श्रद्धांजलि दी, लेकिन जब शुभम द्विवेदी को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब देने की बजाय बात को घुमाते हुए बीजेपी को बुरा-भला कहना शुरू कर दिया। अखिलेश ने ये जरूर कहा- 'जो पहलगाम गए थे टूरिस्ट,जिनके परिवार का कोई न कोई सदस्य उन्होंने खोया है, हम दुख में उनके साथ खड़े दिखाई देंगे।'
शुभम द्विवेदी के सवाल से भागे अखिलेश!
कुशीनगर में पत्रकारों से सवाल किया कि बीजेपी आरोप लगा रही है आप शुभम द्विवेदी के घर नहीं गए हैं। बीजेपी ने पोस्टर लगाए हैं। इस पर अखिलेश यादव के चेहरे का रंग बदल गया। बात धुमाते हुए समाजवादी पार्टी के मुखिया ने कहा- 'बीजेपी के लोग अपने पुरुष सदस्यों को गलत भाषा सिखाते हैं। बीजेपी के लोगों को राजनीति नहीं करनी चाहिए।'
अखिलेश यादव ने पहले क्या कहा?
कानपुर के शुभम द्विवेदी अपने परिवार के साथ पहलगाम घूमने गए थे। फरवरी में उनकी शादी हुई थी। पहलगाम के आतंकी हमले में शुभम द्विवेदी की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। पत्नी ने दावा किया था कि धर्म पूछकर शुभम को आतंकियों ने गोली मारी थी।
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पहलगाम हमले में शुभम द्विवेदी समेत 26 लोगों की जान जाने के बाद अखिलेश यादव ने ये तक कह दिया था कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है। कानपुर जाने पर अखिलेश यादव ने कहा था कि मेरा उस परिवार (शुभम द्विवेदी के परिवार) से कोई नाता नहीं है। मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से कहूंगा कि वो वहां पहुंचें। इससे अखिलेश यादव ने लगभग साफ कर दिया था कि वो शुभम द्विवेदी के परिवार से मिलने नहीं जाएंगे। फिलहाल सवाल यही है कि अखिलेश यादव कानपुर के शुभम द्विवेदी के घर ना जाने को लेकर इतने असहज क्यों हैं?