'भारतीय सेना हिंदू है या मुस्लिम, दम है तो...' शहीद जवान की शहादत पर फौजी भाई का भाषण वायरल, रोगंटे खड़े कर देने वाला VIDEO
जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए हवलदार झंटू अली शेख का शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। 26 पर्यटकों को धर्म पूछकर जिस बेरहमी से मारा गया, उससे देशवासियों में आक्रोश है। इस बीच जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए हवलदार झंटू अली शेख का शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरे गांव और आसपास के लोग उन्हें अंतिम विदाई के लिए पहुंचे।
शहीद जवान को अंतिम विदाई देते वक्त उनके बड़े भाई रफीकुल शेख ने जो भाषण दिया, वो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। धर्म के नाम पर हो रहे खूनी खेल को लेकर लोगों को जागरूक करते हुए शहीद जवान के भाई ने कहा कि किसी में दम है कि वो भारतीय सेना से ये पूछे कि वो हिंदू है या मुस्लिम।
शहीद जवान झंटू अली शेख के भाई का भाषण
बता दें कि पहलगाम हमले के बाद सेना को इनपुट मिला था कि जंगलों में कुछ आतंकवादी छुपे हुए हैं। इसके बाद झंटू अली शेख ने अपनी टीम के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। मुठभेड़ में दुश्मनों को करारा जवाब देते हुए उन्होंने देश के लिए शहादत दे दी। शहीद जवान का पश्चिम बंगाल में स्थित उनके पैट्रिक गांव नदिया जिले में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए कब्रिस्तान में लोगों की हुजूम देखने को मिली। इसी दौरान शहीद जे.अली शेख खान के भाई ने जो भाषण दिया उसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
झंटू अली शेख के बड़े भाई और सेना के जवान रफीकुल शेख ने कहा कि एक सैनिक का ना कोई धर्म होता है और ना कोई जात होता है। आपने कभी नहीं सुना होगा। कब्रिस्तान में शहीद जवान झंटू अली शेख जिंदाबाद के नारेबाजी के बीच उनके फौजी भाई ने कहा, ''किसी में दम है तो बोल के दिखा दे भारतीय सेना हिंदू है... बोल के दिखा दे भारतीय सेना मुस्लिम है। भारतीय सेना एक ऐसी जगह है, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन और पारसी एक ही थाली में खाता है। एक ही बर्तन में खाना बनता है। भाईचारा देखना है तो फौज में आ जाओ।''
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भावुक वीडियो में झंटू अली शेख के भाई ने कहा कि मेरा भाई अब इस दुनिया में नहीं रहा। उसकी जगह कोई नहीं ले सकता। इसकी जो फैमिली की भरपाई है वो कोई नहीं कर सकता, लेकिन उससे भी ज्यादा गर्व है कि मेरे भाई ने इस देश के लिए, देश की जनता के लिए अपनी जान की आहुति दी है। आपने सुना होगा कि पहलगाम में आतंकियों ने हिंदू भाइयों को चुन-चुनकर मारा। मेरा भाई, उन्हीं हिंदुओं की मौत का बदला लेने के लिए जंगलों में टीम के साथ निकल गया। खुद सबसे आगे रहा, बाकी जो भगवान को मंजूर था वो हुआ।
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