PM का VIDEO संदेश, CJP के साथ नड्डा-जितेंद्र सिंह की वार्ता और NTA के 47 अफसरों पर गाज... जानिए NEET मुद्दे पर मोदी सरकार के 6 बड़े फैसले

NEET विवाद के बीच सरकार ने आखिरकार बड़ा कदम उठा लिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA में अब पूरी तरह सफाई अभियान चलाया जा रहा है।

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CJP Sticks To Dharmendra Pradhan's Resignation, Says Govt 'Positive' On FIR Withdrawal & Compensation; Talks Resume Tomorrow
Modi Govt | Image: Republic

NEET विवाद के बीच सरकार ने आखिरकार बड़ा कदम उठा लिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA में अब पूरी तरह सफाई अभियान चलाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अपने 47 अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है और इनमें से कई पर आगे कानूनी शिकंजा भी कसा जाएगा।

यह फैसला सिर्फ एक प्रशासनिक कार्रवाई भर नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से लिया गया छठा बड़ा निर्णय बताया जा रहा है, जिसमें साफ संदेश दिया गया है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा।

गौरतलब है कि इसी साल NEET-UG की परीक्षा पेपर लीक विवाद में फंस गई थी। मई में हुआ एग्जाम रद्द करके जून में दोबारा कराना पड़ा था, जिसके बाद से ही एजेंसी की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे थे।

सरकार का कड़ा रुख, कैबिनेट में बड़े फैसले

प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि युवाओं के भविष्य और उनके कल्याण से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि उसी दिन हुई कैबिनेट बैठक में पेपर लीक रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने का फैसला लिया गया। इसी क्रम में शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट ने पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) एक्ट, 2024 में संशोधन को हरी झंडी दे दी। यह संशोधन बिल अगले हफ्ते संसद में पेश किया जा सकता है।

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इसी दौरान राजधानी दिल्ली में लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन में भी नरमी देखने को मिली। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी, हालांकि विपक्षी पार्टियां अब भी प्रदर्शनकारियों की मांगों का समर्थन कर रही हैं। इसी बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल से करीब दो घंटे मुलाकात की। इस बातचीत के बाद नड्डा ने बताया कि CJP ने तीन बड़ी मांगें और पांच सुझाव सरकार के सामने रखे हैं, जिन पर अगली मुलाकात में चर्चा होगी। दूसरी ओर CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार सिद्धांत रूप से उनकी दो मांगों पर सहमत हो गई है।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट और प्रशासनिक फेरबदल

छात्रों को जल्द इंसाफ दिलाने के मकसद से राउज एवेन्यू कोर्ट में एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाई गई है, जहां पेपर लीक एक्ट से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई होगी। इसके लिए तीस हजारी कोर्ट की जज अनु ग्रोवर बालिगा को दिल्ली हाईकोर्ट ने विशेष जज के तौर पर तैनात किया है। साथ ही शिक्षा मंत्रालय में भी फेरबदल हुआ है। नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव और टीके अनिल कुमार को स्कूल शिक्षा सचिव बनाया गया है, जबकि पूर्व उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पंचायती राज विभाग भेजा गया है।

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केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने पुणे में मीडिया से बातचीत में सरकार की तेज कार्रवाई गिनाई। पेपर लीक में शामिल 13 लोगों की देशभर से गिरफ्तारी, मामले की CBI-SIT जांच, महज 37 दिन में दोबारा परीक्षा और 25 दिन में रिजल्ट के साथ एडमिशन प्रक्रिया शुरू होना। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद साफ है- दोषियों पर सख्ती और लाखों छात्रों के भविष्य की सुरक्षा, दोनों साथ-साथ। उनके शब्दों में, देश के युवा सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता हैं।

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Published By:
 Kunal Verma
पब्लिश्ड