TMC को झटके पे झटका, पहले करीबी मदन मित्रा और अब कोयल मलिक ने छोड़ा दीदी का साथ, ममता बनर्जी बोलीं- 21 जुलाई से पहले जो जहां जाना चाहते हैं वो...

बंगाल की राजनीति में पिछले दो दिनों में एक बार फिर से बड़ी हलचल देखने को मिली है, जहां ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के बाद अब TMC सांसद कोयल मलिक ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

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madan mitra to Koel Mallick quite tmc
पहले मदन मित्रा, अब कोयल मलिक ने छोड़ा TMC; ममता बोलीं-21 जुलाई से पहले...' | Image: X

पश्चिम बंगाल में 15 सालों तक सत्ता का कमान संभालने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ते ही जा रही हैं। पार्टी में अंदरूनी तनाव और फूट के बीच पिछले कुछ महीनों में दर्जनों से अधिक टीएमसी नेताओं ने ममता का साथ छोड़कर उन्हें और भी मुश्किल में डाल दिया है।

इस बीच बुधवार, 15 जुलाई को खबर आई कि ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा ने ममता बनर्जी की TMC के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इस बीच गुरुवार, 16 जुलाई को बंगाल से खबर आई है कि एक और टीएमसी नेता ने ममता का साथ छोड़ दिया है। एक्ट्रेस से पॉलिटिशियन बनीं कोयल मलिक ने भी TMC से इस्तीफा दे दिया है। ममता बनर्जी को दो दिन में दो झटके लग चुके हैं।

कोयल मलिक ने छोटा TMC का साथ

एक्ट्रेस से पॉलिटिशियन बनीं कोयल मलिक ने अपने कार्यकाल के कुछ ही महीनों बाद राज्यसभा से ऑफिशियली इस्तीफा दे दिया है। मिली जानकारी के अनुसार कोयल मलिक वाइस प्रेसिडेंट और राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया है। यह ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए एक और झटका है।

मदन मित्रा ने भी टीएमसी छोड़ी

बुधवार, 15 जुलाई ममता बनर्जी को उस समय सबसे बड़ा झटका लगा, जब ममता के सबसे करीबी कहे जाने वाले मदन मित्रा ने TMC में सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की। मदन मित्रा ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद कमरहाटी विधानसभा क्षेत्र के MLA विपक्ष के नेता रीताब्रत के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हो गए।

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ममता बनर्जी ने 21 जुलाई का क्यों किया जिक्र?

समाचार एजेंसी के हवाले से बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने एक बयान जारी करते हुए कहा 'मैंने एक सांसद को देखा। मैं उनका सम्मान करती हूं। उन्होंने पहले ईमेल के माध्यम से सूचित किया था। आज वह एक बीजेपी नेता से मिलीं। जो लोग दबाव में हैं, कृपया जो भी निर्णय लेना चाहते हैं लें और 21 जुलाई शहीद दिवस से पहले जहां जाना चाहते हैं वहां जाएं। हमारा संविधान हमें वह करने का अधिकार देता है जो हम करना चाहते हैं। जो लोग हमें छोड़ रहे हैं, वे भी हमारे संपर्क में हैं।'

इसके अलावा, ममता ने प्रशासन से "न्यूट्रल" रहने को कहा, क्योंकि TMC 'शहीद दिवस' पर एक रैली करने की तैयारी कर रही है। यह रैली उन 13 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की याद में होगी जो 1993 में लेफ्ट फ्रंट शासन के दौरान एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए थे। उम्मीद है कि वह राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा में TMC कार्यकर्ताओं की कथित हत्या का मुद्दा उठाएंगी।

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उन्होंने कहा, "हमारे वर्कर मारे गए हैं। वे प्रोटेस्ट नहीं कर सकते। हम कोर्ट के निर्देश के अनुसार 21 जुलाई का प्रोग्राम शांति से करेंगे। मैं एडमिनिस्ट्रेशन से न्यूट्रल रहने को कहूंगी। याद रखें, अगर दिल्ली में झटके आते हैं, तो बंगाल पर भी असर पड़ेगा।

मदन मित्रा ने TMC पर लगाए आरोप

इससे पहले बुधवार, 15 जुलाई को TMC से इस्तीफा देते हुए कहा कि 'वह पार्टी के अंदर अच्छे से काम नहीं कर पा रहे हैं और आरोप लगाया कि लीडरशिप संगठन को मजबूत करने के बजाय जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी को प्रमोट करने पर फोकस कर रही है। मित्रा ने यह भी दावा किया कि पार्टी लीडरशिप ने उनकी चिंताओं पर बार-बार ध्यान नहीं दिया।'

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Published By:
 Sahitya Maurya
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