वक्फ कानून पर आ गया 'सुप्रीम फैसला', सेक्शन-3 और 4 पर SC ने लगाई रोक, कहा- 'पूरे कानून पर स्टे देने का कोई आधार नहीं'

वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पूरे कानून पर स्टे देने का कोई आधार नहीं है।

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Two New Judges To Take Oath on August 29 as Supreme Court Judges
सुप्रीम कोर्ट | Image: ANI

वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पूरे कानून पर स्टे देने का कोई आधार नहीं है। हालांकि, सेक्शन-3 और 4 पर फिलहाल रोक लगाई गई है।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 के उस प्रावधान पर रोक लगा दी है जिसके तहत वक्फ बनाने के लिए किसी व्यक्ति को पांच साल तक इस्लाम का अनुयायी होना जरूरी था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह प्रावधान तब तक स्थगित रहेगा जब तक यह तय करने के लिए नियम नहीं बन जाते कि कोई व्यक्ति इस्लाम का अनुयायी है या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के सभी प्रावधानों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, कोर्ट का कहना है कि कुछ धाराओं को संरक्षण की जरूरत है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

  1. सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ अधिनियम के उस प्रावधान पर भी रोक लगा दी है जो कलेक्टर को यह निर्धारित करने का अधिकार देता था कि वक्फ घोषित की गई संपत्ति सरकारी है या नहीं और आदेश पारित कर सकता था।
  2. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कलेक्टर को नागरिकों के व्यक्तिगत अधिकारों का न्यायनिर्णयन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती और यह शक्तियों के सेपरेशन का उल्लंघन होगा।
  3. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि वक्फ बोर्ड में तीन से अधिक गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए, और फिलहाल वक्फ परिषदों में चार से अधिक गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

वक्फ संशोधन अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एडवोकेट वरुण सिन्हा ने कहा, "केंद्र सरकार द्वारा लाए गए संशोधनों पर कोई रोक नहीं है। याचिकाकर्ताओं के पक्ष में केवल एक अंतरिम आदेश है कि संशोधित कानून सहित कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना उन्हें वक्फ संपत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। अगर सरकार को कोई वक्फ लेना है, तो वक्फ अधिनियम में निर्धारित प्रक्रिया, जिसमें वक्फ संशोधन भी शामिल है, का पालन ट्रिब्यूनल के साथ-साथ हाईकोर्ट को भी करना होता है। इसलिए ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद उस आदेश को भी लागू किया जा सकता है। जो वक्फ पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें वक्फ संपत्ति नहीं माना जाएगा। जिन्होंने पांच साल तक इस्लाम का पालन नहीं किया है, वे वक्फ नहीं बना सकते, इस प्रावधान पर रोक लगा दी गई है।"

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Published By:
 Kunal Verma
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