Waqf Bill: केरल में जमीनें जिन पर कब्जा हुआ, वो क्रिश्चन के भी हैं, फिर हिंदू-मुस्लिम में क्यों बांट रहे हैं? ओवैसी का जवाब

Waqf Bill: संसद में वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद AIMIM चीफ ओवैसी ने अपना पक्ष रखा। साथ ही कई अहम सवालों के जवाब दिए।

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Asaduddin Owaisi
Asaduddin Owaisi | Image: PTI

Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल संसद में पास हो गया। इसके समर्थन में 128 सांसदों ने वोट दिया जबकि विरोध में 95 वोट पड़े। इसे लेकर पूरे देश में घमासान मचा हुआ है। मुस्लिम समाज का एक बड़ा तबका बिल के विरोध में है। इस बीच AIMIM चीफ ओवैसी ने वक्फ बिल पर अपना पक्ष रखा। साथ ही उन्होंने कई अहम सवालों के जवाब दिए।

रिपब्लिक से एक्सक्लूसिव बातचीत में असदुद्दीन ओवैसी ने सबसे पहले संसद में बिल फाड़ने पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि बिल फाड़ते वक्त मैं यह सोच रहा था कि महात्मा गांधी जब मोहन दास करमचंद गांधी के नाम से लोग उन्हें जानते थे। जब व्हाइट अफ्रीका में इस तरह का कानून बनाया गया था तो महात्मा गांधी ने न सिर्फ उस कानून की कॉपी को फाड़ा था बल्कि उसे जलाया भी था। यह अपने विरोध को दर्ज कराने का गांधियन तरीका है। मेरा मानना है कि यह बिल जो अब कानून बन चुका है, यह असंवैधानिक है, ये भेदभावपूर्व है। यह आर्टिकल 26, 25, 14, 29 और 15 का उल्लंघन करता है। 

तो ओवैसी ने इसलिए फाड़ी बिल की कॉपी…

उन्होंने आगे कहा कि भारत की संसद, इस देश की सबसे बड़ी पंचायत है। अगर वहां पर सरकार अपने बहुमत के दम पर इस तरह के कानून को बनाएगी जो भेदभाव करता है हिंदू, सिख, जैन माननेवाले मुसलमानों से। इसलिए मैंने अपना प्रोटेस्ट दर्ज कराने के लिए विधेयक की प्रति को फाड़ दिया।

वक्फ बोर्ड एक धार्मिक इंस्टीट्यूशन- ओवैसी

इस दौरान उनसे केरल में क्रिश्चन की जमीनों पर हुए कब्जे को लेकर सवाल किया गया। साथ ही इस मामले को हिंदू-मुस्लिम बनाने पर भी सवाल हुआ। इसके जबाव में ओवैसी ने हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड (WEB), जैन बंदोबस्ती बोर्ड, साई बाबा ट्रस्ट समेत अन्य धार्मिक चैरिटी का उदाहरण देते हुए कहा कि ‘वक्फ बोर्ड भी बिल्कुल इसी तरह से एक धार्मिक इंस्टीट्यूशन है। जब आप अपने धर्म के लिए प्रोटेक्शन दे रहे हैं तो इस्लाम धर्म को क्यों नहीं दे रहे? उन्होंने कहा कि ’यह तो समानता के अधिकार का उल्लंघन है। यह आर्टिकल 15 का उल्लंघन है, धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है।' उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी की प्रॉपर्टी पर कब्जा होता है तो उसे कोर्ट का रुख करने का पूरा अधिकार है।'

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लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी बिल पास

बता दें कि संसद ने पिछले दिन वक्फ (संशोधन) विधेयक पारित कर दिया है, जिसे आज तड़के राज्यसभा ने मंजूरी दे दी। उच्च सदन में बिल के पक्ष में 128 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि 95 सदस्यों ने विधेयक के खिलाफ मतदान किया। राज्यसभा ने विधेयक पर करीब 12 घंटे तक चर्चा की। लोकसभा ने पहले ही विधेयक को मंजूरी दे दी थी।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड