Waqf Bill: वक्फ बिल को संसद में फाड़ने पर हुआ था जोरदार हंगामा, अब ओवैसी ने किया महात्मा गांधी से कनेक्ट, बताया क्यों

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक की चर्चा के दौरान AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बिल की कॉपी फाड़ दी थी। अब इस पर एआईएमआईएम के मुखिया ने सफाई दी है।

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Asaduddin Owaisi
Asaduddin Owaisi | Image: Republic

Asaduddin Owaisi on Waqf Bill: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक की चर्चा के दौरान AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बिल की कॉपी फाड़ दी थी। अब इस पर एआईएमआईएम के मुखिया ने सफाई देते हुए बताया है कि आखिर उन्होंने भरे सदन में बिल के टुकड़े क्यों कर दिए थे?

रिपब्लिक भारत के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल फाड़ने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने बिल को अनस्टेपल कर फाड़ा तब उनके जहन में विरोध दर्ज कराने का 'गांधियन' तरीका सूझा।

विरोध दर्ज कराने का ये गांधियन तरीका- ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी ने बिल फाड़ने पर अपना पक्ष रखते हुए कहा, 'मैं यह सोच रहा था कि महात्मा गांधी जब मोहन दास करमचंद गांधी के नाम से लोग उन्हें जानते थे। जब व्हाइट अफ्रीका में इस तरह का कानून बनाया गया था तो महात्मा गांधी ने न सिर्फ उस कानून की कॉपी को फाड़ा था बल्कि उसे जलाया भी था। यह अपने विरोध को दर्ज कराने का गांधियन तरीका है। मेरा मानना है कि यह बिल जो अब कानून बन चुका है, यह असंवैधानिक है, ये भेदभावपूर्व है। यह आर्टिकल 26, 25, 14, 29 और 15 का उल्लंघन करता है। इसलिए मैंने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए ऐसा किया।'

'सरकार अपने बहुमत के दम पर इस…'

उन्होंने आगे कहा, 'भारत की संसद, इस देश की सबसे बड़ी पंचायत है। अगर वहां पर सरकार अपने बहुमत के दम पर इस तरह के कानून को बनाएगी जो भेदभाव करता है हिंदू, सिख, जैन धर्म के माननेवाले मुसलमानों से। इसलिए मैंने अपना प्रोटेस्ट दर्ज कराने के लिए विधेयक की प्रति को फाड़ दिया।'

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वक्फ बोर्ड पर लिमिटेशन एक्ट क्यों?- ओवैसी

वक्फ बिल से गरीबों को फायदा पहुंचने की बात पर ओवैसी ने कहा, ‘वक्फ बोर्ड पर लिमिटेशन एक्ट क्यों लागू कर रहे हैं? जब ये हिंदू, जैन समेत किसी अन्य धर्म पर लागू नहीं होता तो यहां क्यों हो रहा है। अगर कोई 12 साल से वक्फ प्रॉपर्टी पर एनक्रॉचर (कब्जा करने वाला) है तो आप उसे मालिक बना रहे हैं। कब्जेदार को मालिक बनाया जा रहा है। वहीं 2014 में मुख्तार अब्बास नकवी ने संसद में एक कानून पेश किया था जिसका नाम Eviction of Unauthorised Occupants Bill था। 2024 में उसे वापस क्यों ले लिया गया?' उन्होंने आगे कहा कि 'हिंदू, सिख और जैन धर्म में लिमिटेशन एक्ट लागू नहीं होगा, तो वक्फ बोर्ड दूसरे धर्म के लोग क्यों चलाएंगे? लिमिटेशन एक्ट क्यों लागू करेंगे?’

बिल के टुकड़े कर सदन में क्या कहा था?

बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को लोकसभा में चर्चा के दौरान भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर तीखा हमला बोला था। इस दौरान उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध की प्रति को फाड़ दिया था। उन्होंने प्रति को फाड़ते हुए आरोप लगाया कि वक्फ विधेयक के जरिये मुसलमानों के साथ गलत व्यवहार किया जाएगा।

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ओवैसी ने कहा था, 'ये बिल मुसलमानों पर हमला है। मोदी सरकार ने मेरी आजादी पर जंग छेड़ दी है। मेरी मस्जिदें, मेरी दरगाहें, मेरे मदरसे निशाने पर हैं। ये सरकार सच नहीं बता रही है। ये बिल अनुच्छेद 14- समान संरक्षण का उल्लंघन करता है। सीमाएं लगाई जाएंगी। ऐसा करने से अतिक्रमणकारी मालिक बन जाएगा और एक गैर-मुस्लिम वक्फ बोर्ड का प्रशासन करेगा। ये बिल समानता कानून का भी उल्लंघन करता है।' ओवैसी ने वक्फ संशोधन बिल को खारिज करते हुए कहा कि बीजेपी मंदिर और मस्जिद के नाम पर झगड़े पैदा करना चाहती है। ओवैसी ने बिल फाड़ते हुए कहा कि मैं इस बिल को फाड़ रहा हूं क्योंकि ये असंवैधानिक है।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड