अपडेटेड 2 April 2025 at 12:49 IST

BIG BREAKING: किरेन रिजिजू ने लोकसभा में पेश किया वक्फ संशोधन बिल, अब पक्ष-विपक्ष में होगी जोरदार चर्चा

किरने रिजिजू ने लोकसभा में पेश किया वक्फ संशोधन बिल, अब पक्ष-विपक्ष में होगी जोरदार चर्चा

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Waqf (Amendment) Bill taken up for consideration and passing in Lok Sabha
किरने रिजिजू ने लोकसभा में पेश किया वक्फ संशोधन बिल, अब पक्ष-विपक्ष में होगी जोरदार चर्चा | Image: Republic

संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पेश कर दिया है। अब इस पर अगले आठ घंटे तक चर्चा होने की उम्मीद है। इसे लेकर सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी दलों के बीच तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है, ताकि वे बिल पेश होने के दौरान सदन में मौजूद रहें। एनडीए के सहयोगी दल जैसे जेडीयू, टीडीपी और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी सरकार के समर्थन का ऐलान किया है। दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' इस बिल का कड़ा विरोध करने के लिए तैयार है।

लोकसभा में बिल पेश कर किरेन रिजिजू ने कहा कि इससे अधिक संख्या में आजतक किसी भी बिल पर लोगों की याचिकाएं नहीं आईं। 284 डेलिगेशन ने अलग-अलग कमेटी के सामने अपनी बात रखी है। 25 राज्यों के वक्फ बोर्ड ने अपना पक्ष रखा। पॉलिसी मेकर्स, विद्वानों ने भी अपनी बात कमेटी के सामने रखी हैं। इस बिल का पॉजिटिव सोच के साथ विरोध करने वाले भी समर्थन करेंगे। यह प्रस्ताव खुले मन से पॉजिटिव नोट के सामने पेश कर रहा हूं। किसी ने असंवैधानिक बताया तो किसी ने नियमविरुद्ध। जब पहली बार ये प्रस्ताव सदन में पेश किया गया था 1913 में, उसके बाद जब दोबारा एक्ट पास किया गया था। 1930 में एक्ट लाया गया था। आजादी के बाद 1954 में वक्फ एक्ट पहली बार आजाद भारत का एक्ट बना और उसी में राज्य के बोर्ड का भी प्रावधान किया गया था। 1995 में व्यापक रूप से एक्ट बना। उस समय किसी ने इसे असंवैधानिक, नियमविरुद्ध नहीं कहा। आज हम जब ये बिल ला रहे तो ये बोलने का विचार कैसे आया। जिसका बिल में कोई लेना-देना नहीं है, उसे लेकर आपने लोगों को गुमराह करने का काम किया। 1995 में ट्रिब्यूनल का इंतजाम किया गया।

बिल पर संसद में एनडीए की तरफ से कौन-कौन बोलेगा

  1. रविशंकर प्रसाद
  2. अनुराग ठाकुर
  3. संबित पत्रा
  4. जगदंबिका पाल
  5. पी पी चौधरी
  6. निशिकांत दुबे
  7. जस्टिस अभिजीत गांगुली
  8. स्मिता उदय वाघ
  9. कमलजीत सहरावत
  10. तेजस्वी सूर्या 

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(Note: यह एक ब्रेकिंग स्टोरी है। अधिक जानकारी के साथ अपडेट हो रही है)

Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 2 April 2025 at 12:17 IST