Waqf Bill: दोनों सदनों में पास हुआ वक्फ संशोधन बिल, कानून बनने से अब बस एक कदम दूर

वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में 14 घंटे चर्चा करने हुई। वहीं, राज्यसभा में भी करीब 12 घंटे की बहस की गई। अब कानून बनने से एक कदम ही दूर रह गया है।

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waqf bill in rajya sabha
waqf bill in rajya sabha | Image: PTI

Waqf Bill: मोदी सरकार ने वक्फ संशोधन बिल को दोनों सदनों में पास करा लिया है। लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी बिल पास हो गया है। इसके बाद विधेयक कानून बनने से बस एक कदम दूर रह गया।

गुरुवार (3 अप्रैल) को वक्फ संशोधन बिल को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पेश किया था। इस पर लंबी चर्चा चली। पक्ष और विपक्ष में बहसबाजी भी देखने को मिली। इसके बाद देर रात वोटिंग हुई और इसे पास करा लिया गया। राज्यसभा में बिल के समर्थन में 128 सांसदों ने वोट दिया। वहीं विरोध में 95 वोट पड़े। वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में 14 घंटे चर्चा करने हुई। वहीं, राज्यसभा में भी करीब 12 घंटे की बहस की गई। 

राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा बिल

अब कानून बनने से एक कदम ही दूर रह गया है। दोनों सदनों में बिल के पास होने के बाद अब इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति के दस्तखत होते ही बिल कानून बन जाएगा। इसके साथ ही पुराना वक्फ बिल इतिहास बन जाएगा और नया विधेयक इसकी जगह ले लेगा।

नवीन पटनायक की पार्टी का बदला रूख 

राज्यसभा में हो रही चर्चा के बीच बीजू जनता दल पार्टी के मुखिया और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अपने रुख में अचानक से बदला लिया था। पहले बीजू जनता दल पार्टी ने इस बिल पर विरोध जताया था लेकिन अचानक से फैसले पर अपने कदम वापस खींच लिए हैं। पार्टी के प्रवक्ता डॉक्टर सस्मित पात्रा ने कहा कि BJD ने सांसदों को इस पर वोटिंग के दौरान स्वतंत्र निर्णय लेने की अनुमति दे दी है।

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किसी के सुझाव नहीं लिए होते तो बिल का स्वरूप अलग होता- रिजिजू

राज्यसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोगों की बात सुनकर कई बदलाव किए गए हैं। अगर किसी के सुझाव नहीं लिए गए होते तो इसका स्वरूप कुछ और ही होता। JPC में सबकी बात सुनी गई। लोकतंत्र बहुमत से चलता है। शुरू के ड्राफ्ट में और अभी के ड्राफ्ट में बहुत फर्क है। लोकतंत्र का नियम है जिसके मेंबर ज्यादा होते हैं उसकी सरकार बनती है। हमने सभी सुझावों को शामिल करने का प्रयास किया है। जेपीसी ने कई सुझावों को स्वीकार करके बदलाव किया गया।

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड