'जो लोग याचिका डाल रहे हैं वही मुसलमानों को भड़का रहे', वक्फ कानून पर मौलाना ने खोल दी पोल, कहा- करो इनकी प्रॉपर्टी की जांच
मौलाना साजिद रशीदी ने आरोप लगाए हैं कि जो लोग याचिका डाल रहे हैं वो ही मुसलमानों को भड़का रहे है। वही सड़कों पर लाने और भड़काने की बात कर रहे हैं।
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Waqf Act: वक्फ अधिनियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले एक मौलाना ने याचिकाकर्ताओं की ही पोल खोल दी। हाल ही में संसद से पारित वक्फ संशोधन बिल, जो अब कानून बन चुका है, उसको चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में कुछ मुस्लिम समुदाय और राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने याचिका लगाई है। मौलाना साजिद रशीदी ने फिलहाल याचिकाकर्ताओं पर सवाल उठाए हैं और कहा कि पहले इन्हीं लोगों की संपत्ति की जांच की जानी चाहिए।
मौलाना साजिद रशीदी ने आरोप लगाए हैं कि जो लोग याचिका डाल रहे हैं वो ही मुसलमानों को भड़का रहे है। वही सड़कों पर लाने और भड़काने की बात कर रहे हैं। साजिश रशीदी का कहना है कि इसकी वजह से मुर्शिदाबाद जैसी हिंसा हुई। ममता सरकार जो मुसलमानों की हितैषी बनती है, उस सरकार ने 150 मुसलमानों को जेल में डाला है। रशीदी ने आगे कहा कि जो लोग मुसलमानों को सड़कों पर लाने की बात कर रहे हैं, सबसे पहले उनकी प्रॉपर्टी की जांच होनी चाहिए। इन्होने कितनी वक्फ की जमीन हड़पी हुई है इसकी भी जांच होनी चाहिए।
वक्फ अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस संजय कुमार और केवी विश्वनाथन शामिल हैं, बुधवार को लगभग 10 याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली है। कई विपक्षी नेताओं ने इस कानून को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। इन दलों में डीएमके, एआईएमआईएम, कांग्रेस, वाईएसआरसीपी और आम आदमी पार्टी शामिल हैं।
8 अप्रैल को देश में लागू हुई वक्फ अधिनियम
केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार वक्फ (संशोधन) अधिनियम पिछले सप्ताह 8 अप्रैल को लागू हुआ। इसके पहले राष्ट्रपति की तरफ से 5 अप्रैल को अपनी सहमति दी गई। संसद के दोनों सदनों से ये विधेयक पास होकर आया था।
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फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई ऐसे समय में हो रही है, जब हाल ही में पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के विरोध में हिंसा हुई। हिंसा के बाद मुर्शिदाबाद जिले में कम से कम तीन लोग बेमौत मारे गए।