अपडेटेड 8 January 2026 at 09:32 IST

'पिता से पहले बेटा नहीं जाना चाहिए...', इकलौते बेटे अग्निवेश के निधन से टूटे वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल, पोस्ट में बयां किया दर्द

Anil Agarwal Son Death: वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश कुछ दिनों पहले स्कीइंग के दौरान एक दुर्घटना में घायल हो गए थे, जिसका इलाज चल रहा था। इस बीच कार्डियक अरेस्ट से अग्निवेश ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। बेटे के निधन पर अनिल अग्रवाल ने एक लंबा-चौड़ा और भावुक पोस्ट लिखा है, जिसमें उन्होंने अपना दर्द बयां किया।

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Vedanta Chairman Anil Agarwal son Agnivesh Agarwal Death
Vedanta Chairman Anil Agarwal son Agnivesh Agarwal Death | Image: X/@AnilAgarwal_Ved

Vedanta Chairman Anil Agarwal son Agnivesh Agarwal Death: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन और मशहूर उद्योगपति अनिल अग्रवाल अपने बेटे के निधन से बुरी तरह टूट गए हैं। 49 साल के अग्निवेश अग्रवाल का बुधवार, 7 जनवरी को आखिरी सांस ली। स्कीइंग के दौरान एक हादसे में वो बुरी तरह से घायल हो गए थे, जिसके बाद अग्निवेश का इलाज चल रहा था। इस बीच कार्डियक अरेस्ट की वजह से उनका निधन हो गया। 

कारोबारी अनिल अग्रवाल ने बेटे के निधन पर एक लंबे-चौड़े और भावुक पोस्ट के जरिए अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने कहा कि एक बेटे को अपने पिता से पहले नहीं जाना चाहिए।

‘मेरी जिंदगी का सबसे दुखद दिन…’

अनिल अग्रवाल ने पोस्ट में लिखा, "आज मेरी जिंदगी का सबसे दुखद दिन है। मेरा प्यारा बेटा, अग्निवेश, हमें बहुत जल्दी छोड़कर चला गया। वह सिर्फ 49 साल का था, स्वस्थ था, जिंदगी और सपनों से भरा हुआ था। अमेरिका में स्कीइंग दुर्घटना के बाद, वह न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में ठीक हो रहा था। हमें लगा था कि सबसे बुरा समय बीत गया है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और अचानक कार्डियक अरेस्ट ने हमारे बेटे को हमसे छीन लिया।"

उन्होंने कहा कि कोई भी शब्द उस माता-पिता के दर्द को बयान नहीं कर सकता जिसे अपने बच्चे को अलविदा कहना पड़े। बेटे को अपने पिता से पहले नहीं जाना चाहिए। इस नुकसान ने हमें इस तरह तोड़ दिया है कि हम अभी भी समझने की कोशिश कर रहे हैं।

‘वो एक ऐसा इंसान था, जिसने…’

अनिल अग्रवाल ने पोस्ट में उस दिन को याद किया जब उनके बेटे का जन्म हुआ। उन्होंने आगे लिखा, "मुझे आज भी वह दिन याद है जब अग्नि का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। एक मध्यम वर्गीय बिहारी परिवार से वह एक मजबूत, दयालु और मकसद वाले इंसान के रूप में बड़ा हुआ। वह अपनी मां की जिंदगी की रोशनी, एक रक्षा करने वाला भाई, एक वफादार दोस्त और एक नेक इंसान था जिसने हर किसी को छुआ जिससे वह मिला।"

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उन्होंने अपनी पोस्ट में अपने बेटे की तमाम उपलब्धियों का जिक्र किया। अनिल ने बताया कि अग्निवेश एक खिलाड़ी, एक संगीतकार, एक लीडर था। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने फुजैराह गोल्ड की स्थापना की, वो हिंदुस्तान जिंक का चेयरमैन बना, अपने साथियों और दोस्तों का सम्मान कमाया। इन सबके बावजूद वो सरल, मिलनसार और दिल से इंसान बना रहा।

वेदांता के चेयरमैन ने कहा कि वो मेरे लिए सिर्फ एक बेटा नहीं था। वो मेरा दोस्त था, मेरा गर्व, मेरी दुनिया। किरण और मैं टूट गए हैं। फिर भी अपने दुख में, हम खुद को याद दिलाते हैं कि वेदांता में काम करने वाले हजारों युवा भी हमारे बच्चे हैं।

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75% से ज्यादा समाज को देने का वादा दोहराया

अनिल अग्रवाल ने बताया कि अग्निवेश एक आत्मनिर्भर भारत बनाने में गहरा विश्वास रखता था। वो अक्सर कहता था, "पापा, एक देश के तौर पर हमारे पास किसी चीज़ की कमी नहीं है। हम कभी पीछे क्यों रहें?" हमने एक सपना देखा था कि कोई बच्चा भूखा न सोए, किसी बच्चे को शिक्षा से वंचित न किया जाए, हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, और हर युवा भारतीय के पास सार्थक काम हो। मैंने अग्नि से वादा किया था कि हम जो कुछ भी कमाते हैं, उसका 75% से ज्यादा समाज को वापस देंगे। आज, मैं उस वादे को दोहराता हूं, और भी सरल जीवन जीने का संकल्प लेता हूं।

उन्होंने कहा कि अग्निवेश के बहुत सारे सपने अधूरे रह गए और यूं दुनिया से चले जाने पर वो परिवार और दोस्तों के लिए एक खालीपन छोड़ गया है। अनिल ने कहा कि मुझे नहीं पता कि तुम्हारे बिना इस रास्ते पर कैसे चलूंगा, लेकिन मैं तुम्हारी रोशनी को आगे ले जाने की कोशिश करूंगा।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 8 January 2026 at 09:32 IST