क्या है वाराणसी रोपवे विवाद, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने लगा दी है अंतरिम रोक; 14 अप्रैल को फिर से बैठेगी अदालत

24 मार्च 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रोपवे को लेकर नींव रखी थी। ये रोपवे वाराणसी कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक बनना है।

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सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी रोपवे के काम पर अंतरिम रोक लगाई. | Image: PTI

Varanasi Ropeway Project: केंद्र सरकार की पर्वतमाला परियोजना का अहम हिस्सा वाराणसी रोपवे प्रोजेक्ट अधर में लटका है। अब वाराणसी में रोपवे निर्माण के काम पर सुप्रीम कोर्ट ने भी अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस संजय करोल की पीठ ने 3 वादियों की याचिका पर अंतरिम रोक का आदेश पारित किया। पीठ ने इस मामले में सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद रोपवे के निर्माण पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। इस आदेश का मतलब होगा कि रोपवे का निर्माण कार्य जिस स्थिति में है, उसी स्थिति में रहेगा और अभी आगे कोई निर्माण नहीं होगा।

याचिकाकर्ताओं ने पहले इलाहाबाद हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन निर्माण कार्य पर कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया था। उसके बाद याचिकाकर्जा सुप्रीम कोर्ट गए थे, जहां से फिलहाल अंतरिम राहत इन लोगों को मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और वाराणसी विकास प्राधिकरण को 14 अप्रैल तक याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और इस बीच यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि इस बीच पक्षकार आज की तिथि के अनुसार यथास्थिति बनाए रखेंगे।

क्या है वाराणसी का रोपवे विवाद?

वाराणसी रोपवे प्रोजेक्ट के खिलाफ तीन महिलाएं खड़ी हैं। इन महिलाओं का आरोप है कि दशाश्वमेध में रोपवे स्टेशन स्थापित करने के लिए उनकी संपत्ति को अवैध रूप से ध्वस्त किया जा रहा है। उनकी जमीन का अधिग्रहण किए बिना ही रोपवे का निर्माण शुरू कर दिया गया है। याचिका में आरोप लगाया है...

  • प्राधिकरण ने उनकी फ्री होल्ड संपत्ति पर अवैध रूप से तोड़फोड़ की है।
  • न तो जमीन का अधिग्रहण किया गया और न ही किसी तरह का मुआवजा दिया गया।
  • बिना कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किए रोपवे का निर्माण कार्य उनकी संपत्ति पर शुरू कर दिया गया।

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि वो दशाश्वमेध, वाराणसी में स्थित फ्रीहोल्ड संपत्ति की मालिक हैं। याचिका के अनुसार, उनकी संपत्ति में पांच दुकानें शामिल थीं और ये 4,083 वर्ग फुट में फैली हुई थी। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि रोपवे स्टेशन के निर्माण के लिए अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर इसे मनमाने ढंग से ध्वस्त कर दिया गया था।

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वाराणसी के रोपवे प्रोजेक्ट को जानिए

24 मार्च 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रोपवे को लेकर नींव रखी थी। ये रोपवे वाराणसी कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक बनना है। परियोजना की लागत लगभग 645 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इस रोपवे प्रोजेक्ट में 5 स्टेशनों के साथ 3.75 किलोमीटर लंबी रखी, ताकि इससे पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और वाराणसी के निवासियों को आवागमन में आसानी हो।

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Published By :
Dalchand Kumar
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