Non-Veg Ban: उत्तराखंड के इस शहर में मंगलवार को नहीं बिकेगा नॉन-वेज, नियमों का उल्लंघन करने पर दुकानें होंगी सील

उत्तराखंड के रुद्रपुर में मंगलवार को मीट-मछली दुकानें बंद रखने का फैसला लिया गया है। हिंदू रक्षा दल ने महापौर विकास शर्मा को इस फैसले के लिए सम्मानित किया है। मीट-मछली दुकानों के लिए एसओपी में स्वच्छता नियम भी शामिल किए गए हैं।

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Tuesday Non-Veg Ban: नए साल 2026 से उत्तराखंड के रुद्रपुर शहर में मांस और मछली की बिक्री को लेकर नगर निगम सख्त रुख अपनाने जा रहा है। नगर निगम के निर्णय के मुताबिक जनवरी से हर मंगलवार को शहर में मीट और मछली की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। इस निर्णय के साथ ही महापौर विकास शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ-साथ दुकान सील करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।

शहर में मांस विक्रेताओं द्वारा नियमों की अवहेलना को लेकर महापौर को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई क्षेत्रों में खुले में मांस काटे जाने, दुकानों के आसपास गंदगी फैलने और स्वच्छता मानकों की अनदेखी की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महापौर ने नगर निगम में मांस विक्रेताओं की बैठक बुलाकर उन्हें नियमों की जानकारी दी और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।

मंगलवार को मीट और मछली की दुकानें बंद रहेंगी 

बैठक में महापौर विकास शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि शहर में अब मंगलवार को मीट और मछली की दुकानें बंद रहेंगी। इस पर मांस विक्रेताओं ने क्रिसमस और थर्टी फर्स्ट को देखते हुए दिसंबर महीने तक इस निर्णय को स्थगित रखने का अनुरोध किया। महापौर ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए दिसंबर तक मंगलवार को दुकानें खुली रखने की अस्थायी अनुमति दे दी, लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया कि जनवरी 2026 से मंगलवार को शहर में कहीं भी मीट की दुकान खुली नहीं मिलेगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी चेतावनी के कार्रवाई की जाएगी।

महापौर ने मांस विक्रेताओं को नियमों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक दुकानदार के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है और किसी भी मंदिर या पवित्र स्थल के आस-पास मांस की दुकान नहीं खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि जानवरों का वध दुकानों पर नहीं किया जाएगा। मांस के सुरक्षित भंडारण के लिए दुकानों में फ्रिज की व्यवस्था अनिवार्य होगी और खुले में मांस रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मांस को ढक कर ही बिक्री करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि मांस काटने के लिए सिर्फ स्टील के चाकू और स्वच्छ उपकरणों का इस्तेमाल करना होगा। दुकानों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना होगा।

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धार्मिक भावनाओं का सम्मान जरूरी- महापौर विकास शर्मा

महापौर ने दो टूक शब्दों में कहा कि नगर निगम का उद्देश्य शहर में स्वच्छता बनाए रखना, जनस्वास्थ्य की रक्षा करना और धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करना है। नियमों का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार जुर्माना लगाने और दुकान सील करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि, उत्तराखंड देवभूमि है, जिस तरह से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यहां की पवित्रता और डेमोग्राफी से छेड़छाड़ करने वालों को सबक सिखाने का काम कर रहे हैं उसी तरह रूद्रपुर में भी अब धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ नहीं होने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मंगलवार को मीट मांस की दुकानों को बंद करने की पीछे लोगों की धार्मिक आस्था जुड़ी है। इसलिए नगर निगम ने मीट विक्रेताओं के लिए SOP जारी की है। इस एसओपी में मीट विक्रेताओं के लिए स्वच्छता को लेकर भी नियम बनाए गए हैं। नियमों की अनदेखी करने वालों पर जुर्माना और दुकान सील करने की कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।'  

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Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड