UP में 2.89 करोड़ मतदाताओं का वोटर ल‍िस्‍ट से नाम कटना तय, खत्म हुई SIR फॉर्म जमा करने की समय सीमा, जानें कब जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से 2.89 करोड़ नाम कटेंगे। 1.11 करोड़ वोटरों को दस्तावेज जमा करने के लिए नोटिस मिलेगा। सबसे ज्यादा नाम लखनऊ-गाजियाबाद से कटेंगे।

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SIR process in Uttar Pradesh Preparations underway to remove 2.89 crore names from voter list
UP में खत्म हुई SIR फॉर्म जमा करने की समय सीमा | Image: ANI (सांकेतिक फोटो)

Sir In Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में बड़ा बदलाव होने वाला है। प्रदेश में कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं की सूची से करीब 2.89 करोड़ नाम हटाए जाने तय हो गए हैं। SIR फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 26 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो गई, जिसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने यह आंकड़े साझा किए।

पिछले 15 दिनों की बढ़ाई गई समय सीमा में करीब 10 लाख मतदाताओं ने फॉर्म भरे या नाम जुड़वाए। पहले अनुमान था कि 2.91 करोड़ नाम कट सकते हैं, लेकिन अतिरिक्त समय में कुछ नाम बच गए, जिससे यह आंकड़ा 2.89 करोड़ पर आ गया। इसके अलावा 1.11 करोड़ वोटर्स को अपने दस्तावेज देने होंगे। 31 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।

नाम कटने की मुख्य श्रेणियां

नाम हटाने के पीछे मुख्य कारण मृतक, स्थानांतरित, अनुपस्थित, डुप्लीकेट और अन्य कारण हैं।

  • स्थानांतरित मतदाता: 1.26 करोड़
  • अनुपस्थित मतदाता: 83-84 लाख
  • मृतक मतदाता: 46 लाख के करीब
  • डुप्लीकेट एंट्री: 23-24 लाख

इसके अलावा, SIR में करीब 1.11 करोड़ मतदाताओं का कोई पिछला रिकॉर्ड नहीं मिला है। इन मतदाताओं को 31 दिसंबर के बाद नोटिस भेजे जाएंगे। वे 13 स्वीकृत दस्तावेजों में से किसी एक को जमा करके अपना नाम बचवा सकते हैं।

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सबसे ज्यादा प्रभावित जिले

उत्तर प्रदेश में हुए SIR में सबसे अधिक नाम कटने की संभावना उन जिलों में है जहां शहरीकरण और पलायन ज्यादा है। इनमें लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज, कानपुर, आगरा और बरेली का नाम प्रमुख है।

फरवरी 2026 में अंतिम मतदाता सूची

अब 31 दिसंबर, 2025 को मतदाता सूची का ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होगा। समय सीमा अब और नहीं बढ़ेगी। 31 दिसंबर, 2025 से 30 जनवरी, 2026 तक का समय दावे और आपत्तियां दर्ज करने के लिए रखा गया है। इसके बाद फरवरी 2026 में नोटिस और सत्यापन के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।

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चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को स्वच्छ और विश्वसनीय बनाने के लिए जरूरी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अपील की है कि मतदाता अपनी स्थिति जरूर चेक करें। अगर नाम कट गया हो तो फॉर्म-6 भरकर दस्तावेज जमा करके नाम शामिल करवाया जा सकता है। SIR में हुए बदलाव आगामी चुनावों में मतदान प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाएगा। 

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Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड