बहराइच में आदमखोर ने बुजुर्गों को बनाया शिकार, ग्रामीणों का आरोप- 'DFO का फोन स्विच ऑफ और वन कर्मचारियों का अता-पता नहीं'

बहराइच जिले में खूंखार भेड़िए का आतंक बीते कई दिनों से जारी है। अब आदमखोर ने बुजुर्ग दंपत्ति को अपना शिकार बनाया है, उन पर हमला कर उनके हाथ-पैर चबा गए।

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Bahraich Wolf Attack
बहराइच में आदमखोर भेड़िए ने बुजुर्ग दंपत्ति को बनाया शिकार | Image: Pixabay

उत्तर प्रदेश के बहराइच में आदमखोर भेड़िए का आतंक जारी है। अब खूंखार भेड़िए ने बुजुर्ग दंपत्ति को अपना निशाना बनाया है। सोमवार देर रात को यह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब बुजुर्ग दंपत्ति अपने घर पर सो रहे थे। भेड़िए ने उन पर हमला कर उनके हाथ-पैर चबा लिए, दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा वन विभाग पर फूटा। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग की गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी।

बहराइच जिले में खूंखार भेड़िए का आतंक बीते कई दिनों से जारी है। जंगली जानवर इलाके में लगातार ग्रामीणों को अपना शिकार बना रहे। देर रात ग्रामीण जैसे ही घर से बाहर निकलते हैं आदमखोर उस पर हमला बोल देता है। सोमवार रात को तो भेड़िए ने एक घर पर ही हमला बोल दिया। एक बुजुर्ग दंपत्ति अपने खेत के पास बने घर में सो रहे थे तभी भेड़िए ने उन पर हमला कर उनके हाथ-पैर चबा लिए, जिससे उनकी मौत हो गई। कैसरगंज थाना क्षेत्र के मंझारा तौकली प्यारे पुरवा गांव का यह मामला है।

आदमखोर ने बुजुर्ग दंपत्ति को बनाया शिकार

वहीं, आदमखोर के एक अन्य हमले में तीन लोग और घायल हुए हैं, जिसमें एक महिला भी शामिल है। ग्रामीणों के मुताबिक आदमखोर नरभक्षी के हमले में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि18 लोग घायल हैं। भेड़िए के लगातार हो रहे हमले से इलाके में दहशत का माहौल है। वहीं, ग्रामीणों में वन विभाग के रवैये को लेकर आक्रोश है।  गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ जमकर हंगामा किया।

ग्रामीणों का वन विभाग पर फूटा गुस्सा

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग के डीएफओ का फोन स्विच ऑफ जा रहा है, वन कर्मचारियों का अता-पता नहीं है। इलाके में भेड़िया अब भी मौजूद है, मगर वन विभाग की टीम यहां मौजूद नहीं है। ग्रामीण अपने सुरक्षा खुद कर रहे हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के रेंजर की गाड़ी में तोड़फोड़ की और उन्हें दौड़ाया। ग्रामीण शवों को पुलिस को सौंपने से पहले जिला अधिकारी (डीएम) को बुलाने की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि वन विभाग की निष्क्रियता के चलते इतनी बड़ी घटना हुई है।

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आदमखोर ने बदला हमले का तरीका

पुलिस और वन विभाग की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, इस बार भेड़िए ने अपने हमले का तरीका बदला है। अब तक वह मासूम बच्चों को निशाना बनाता रहा था, मगर इस बार बुजुर्ग पर हमला हुआ है। शवों की स्थिति से पता चलता है कि भेड़िए ने पहले गले पर वार किया और फिर हाथ-पैर चबाए। शव को देखकर यह भी लग रहा है कि हमलावर भेड़ियों की संख्या एक से अधिक हो सकती है।

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड