'मंदिरों के टैक्स से सनातन समाज के पर्व पर खर्च हो रहा है तो आपके पेट में दर्द क्यों...', अखिलेश यादव के ट्वीट पर क्यों भड़का संत समाज?
Ayodhya Deepotsav 2025: संत ने कहा कि सनातन समाज को ऐसे (अखिलेश यादव) व्यक्ति का बहिष्कार करना चाहिए, जो सिर्फ और सिर्फ सनातन समाज के पर्वों पर, सनातन समाज की आस्था पर ही कटाक्ष कर रहा है। अखिलेश पर आगे संत ने कहा कि जब इतनी गंदी सोच जिस व्यक्ति की हो, वह व्यक्ति समाज के लिए क्या कर सकता है...
- भारत
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Ayodhya Deepotsav 2025, Akhilesh Yadav: दिवाली के एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के अयोध्या में इस बार 9वां दीपोत्सव मना। भारी सुरक्षा और भक्ति के माहौल के बीच रामनगरी में सरयू के किनारे 26 लाख 17 हजार 215 तेल के दीयों से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना। इस दीपोत्सव की प्रशंसा देश ही नहीं दुनिया भर में भी हो रही है।
इस बीच यूपी के पूर्व सीएम और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या में दीपोत्सव के बाद का एक वीडियो अपने एक्स हैंडल पर शेयर किया है। इस वीडियो में कुछ लोग जले हुए दीप से तेल को इकट्ठा करते हुए दिखे हैं। इसको लेकर अखिलेश ने कहा है,"सच तो ये दृश्य हैं… वो नजारा नहीं जिन्हें दिखाकर लोग चले गये। रोशनी के बाद का ये अंधेरा अच्छा नहीं।"
अखिलेश ने इस रोशनी के बाद का अंधेरा तक बता दिया है। अब वे ट्रोल हो रहे हैं।
अत्यंत निंदनीय है, आप अपने देश के गरीबों का उपहास उड़ा रहे हैं - संत पंडित कल्कीराम
अयोध्या के संत पंडित कल्कीराम ने अखिलेश यादव के द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो पर आपत्ति जताई है और इसे अखिलेश की इस हरकत को निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व एक्सीडेंटल मुख्यमंत्री लगातार सनातन समाज के पर्वों को निशाना बनाते हुए आ रहे हैं। दीपोत्सव के बाद तेल इकट्ठा करने का जो उन्होंने वीडियो जारी किया है, वह अत्यंत निंदनीय है। आप अपने देश के गरीबों का उपहास उड़ा रहे हैं।"
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आपके पेट में दर्द क्यों हो रहा है?- संत पंडित कल्कीराम
संत ने आगे कहा, "मदद तो आप करने लायक है नहीं, न तो आपने आजतक किसी की मदद की। दीपों में पैसा खर्च हो रहा है, दीपोत्सव का पर्व फिजूल बता रहे हैं। उनको ज्ञात होना चाहिए, देश के तमाम मंदिरों के अरबों का टैक्स सरकार को प्राप्त होता है। अगर दीपोत्सव के नाम पर दो-चार-पांच सौ करोड़ रुपया खर्च हो गए, तो कौन सा आफत टूट पड़ा?"
पंडित कल्कीराम ने कहा, "मंदिरों के टैक्स से ही एक विशेष समुदाय को हज करने की राशि प्रदान की जाती है, तब तो आपको आपत्ति नहीं और अगर सनातन समाज का पैसा ही सनातन समाज के पर्वों पर खर्च हो रहा है, तो आपके पेट में दर्द क्यों हो रहा है? "
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इतनी गंदी सोच जिस व्यक्ति की हो, वह समाज के लिए क्या कर सकता है- संत
उन्होंने बताया - हर जगह अगर अमीर है तो गरीब भी है। दीपोत्सव के बाद अगर गरीब परिवार ने दीपक का तेल निकालकर इकट्ठा कर लिया, तो उस तेल का वह क्या करेंगे? क्या किसी का घर जलाएंगे? अपने भोजन में ही उसका प्रयोग करेंगे। उनको (अखिलेश) समझना चाहिए कि एक तरफ दीपोत्सव का पर्व मनाया गया तो उसके बाद दीये में बचे उन तेलों का सदुपयोग भी समाज कर रहा है।
संत ने कहा कि सनातन समाज को ऐसे (अखिलेश यादव) व्यक्ति का बहिष्कार करना चाहिए, जो सिर्फ और सिर्फ सनातन समाज के पर्वों पर, सनातन समाज की आस्था पर ही कटाक्ष कर रहा है। अखिलेश पर आगे संत ने कहा कि जब इतनी गंदी सोच जिस व्यक्ति की हो, वह व्यक्ति समाज के लिए क्या कर सकता है...
आप सकारात्मक विचार रखिए, नकारात्मक नहीं। - महंत राजू दास
अखिलेश यादव के द्वारा वीडियो शेयर करने पर हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजू दास ने कहा - अखिलेश यादव के द्वारा जो वीडियो दीपोत्सव का ट्वीट किया गया है, वह दुर्भाग्य पूर्ण है। उनकी निगेटिव मानसिकता है। आप एक पार्टी के मुखिया हैं, पूर्व सीएम हैं, आप सकारात्मक विचार रखिए, नकारात्मक नहीं।