बेहिसाब दौलत और माकूल भौकाल, कौन है अनुराग दुबे जिसके केस में UP DGP को लगी सुप्रीम कोर्ट से फटकार?

अनुराग दुबे के खिलाफ हत्या, धोखाधड़ी, जमीन हड़पने, जबरन वसूली, मारपीट, जालसाजी के दर्जनों केस दर्ज हैं। डब्बन के खिलाफ NSA और गुंडा एक्ट के तहत भी केस है।

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who is anurag dubey
कौन है अनुराग दुबे जिसके केस में UP DGP को लगी सुप्रीम कोर्ट से फटकार? | Image: Republic

Gangster Anurag Dubey: गुरुवार को देश की सबसे बड़ी अदालत में वो हुआ, जो शायद इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। शीर्ष अदालत ने सीधे-सीधे उत्तर प्रदेश पुलिस और DGP को फटकार लगा दी। फर्रुखाबाद के गैंगस्टर अनुराग दुबे उर्फ डब्बन की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पुलिस पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि यूपी पुलिस पावर एंजॉय कर रही है, उसे संवेदनशील होने की जरूरत है।

गैंगस्टर अनुराग दुबे डब्बन की अग्रिम जमानत अर्जी को सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्जवल भुयान की पीठ देख रही है। 28 नवंबर को अर्जी पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने सीधे-सीधे कड़े शब्दों में कहा कि 'अपने DGP को बता देना, हम ऐसा कठोर आदेश दे देंगे कि सारी जिंदगी याद रहेगा।' ऐसे में आपकी दिलचस्पी भी बढ़ गई होगी कि आखिर ये अनुराग दुबे उर्फ डब्बन है कौन? जिसकी अर्जी पर सुनवाई करते हुए को एक राज्य की पुलिस को फटकार दिया।

कौन है अनुराग दुबे उर्फ डब्बन?

गैंगस्टर अनुराग दुबे के खिलाफ हत्या, धोखाधड़ी, जमीन हड़पने, जबरन वसूली, मारपीट और जालसाजी के दर्जनों केस दर्ज हैं। डब्बन के खिलाफ NSA और गुंडा एक्ट के तहत भी केस दर्ज हैं। डब्बन के भाई अनुपम दुबे के खिलाफ हत्या समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। अनुपम बसपा नेता है और मथुरा जेल में निरुद्ध है। अनुराग दुबे उर्फ डब्बन कई महीनों से फरार चल रहा है। आरोप है कि ये दोनों भाई मिलकर अपना गैंग चलाते हैं और इलाके में इनकी दादागिरी चलती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दोनों भाईयों के पास बेहिसाब दौलत है।

सप्रीम कोर्ट क्यों पहुंचा डब्बन?

पिछले कुछ समय से दोनों भाई पुलिस की रडार पर चल रहे हैं। दोनों के खिलाफ पुलिस ताबड़तोड़ एक्शन कर रही है, जिसमें संपत्तियों की कुर्की भी शामिल है। एक जानलेवा हमले के मुकदमे में कोर्ट ने पेश होने के लिए 2 दिसंबर तक का समय दिया है। इस मामले में पुलिस डब्बन से संपर्क करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन कुछ पता नहीं चला। जिसके बाद पुलिस ने बुधवार को उसके घर कुर्की नोटिस चस्पा किया। इसके बाद दुबे सीधा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया।

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कोर्ट ने पाया कि अनुराग दुबे के खिलाफ कई FIR दर्ज हैं और उसे डर है कि अगर वह जांच के लिए कोर्ट में पेश हुआ, तो उसके खिलाफ नया मामला दर्ज किया जाएगा। कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए यह भी साफ कर दिया कि अदालत की पूर्व अनुमति के बिना उसे हिरासत में नहीं लिया जाएगा। कोर्ट ने यूपी DGP का नाम लेते हुए कहा कि अगर हमारे सामने याचिकाकर्ता को छुआ गया, तो ऐसा आदेश पारित करेंगे कि पूरी जिंदगी याद रहेगा। कोर्ट ने अनुराग को अग्रिम जमानत देते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सख्त टिप्पणी की है।

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Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड