'हम फंस गए और भीड़ बेकाबू हो गई, हर तरफ धक्का-मुक्की...' महाकुंभ में भगदड़ की कहानी चश्मदीद की जुबानी!
महाकुंभ मेले में बुधवार तड़के मची भगदड़ के दौरान मौजूद लोगों ने अपना हाल बयां किया और बताया भीड़ के बेकाबू होने के बाद किस तरह का नजारा था।
- भारत
- 4 min read

Mahakumbh Stampede: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित महाकुंभ मेले में बुधवार तड़के भगदड़ मची। इसमें कई लोगों के घायल होने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के लिए संगम क्षेत्र में बड़ी संख्या में भीड़ जुटने के कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई। हालांकि बताया जा रहा है कि अब काफी हद तक हालात पर काबू पा लिया गया है। इसी बीच भगदड़ के दौरान मौजूद लोगों ने अपना हाल बयां किया और बताया भीड़ के बेकाबू होने के बाद किस तरह का नजारा था।
प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन चल रहा है जिसमें शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। इतना ही नहीं मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने के महज एक दिन पहले संगम जाने वाले सभी रूट भीड़ से पट गए। 29 जनवरी यानि दूसरे शाही स्नान के दिन लगभग 10 करोड़ लोगों के एकत्रित होने की उम्मीद पहले से थी। हालांकि बुधवार तड़के संगम घाट पर जाना चाह रहे श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मच गई। घटना में कई श्रद्धालु घायल हुए हैं। इस बीच सीएम योगी ने किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
कब और कैसे मची मगदड़?
घटना दो बजे के आसपास होने की जानकारी मिल रही है। खबरें हैं कि संगम नोज पर 11 से 17 नंबर पोल के बीच हादसा हुआ है। कुंभ मेला प्राधिकरण की विशेष कार्याधिकारी अकांक्षा राणा ने बताया कि संगम नोज पर बैरियर टूटने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में कुछ लोग घायल हुए जिनका इलाज चल रहा है। दूसरे शाही स्नान के लिए महाकुंभ पहुंचे कुछ डरे-सहमे लोगों ने उस मंजर का जिक्र किया जब भगदड़ मच गई थी। उन्होंने बताया कि कैसे कुंभ क्षेत्र में तड़के लाउडस्पीकर से मंत्रों और श्लोकों के उच्चारण के बीच एंबुलेंस और पुलिस गाड़ियों के सायरन सुनाई देने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किए भगदड़ के हालात
अस्पताल के बाहर रोती-बिलखती सरोजनी नाम की एक महिला ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात की। महिला ने बताया,
Advertisement
'दो बसों में हमारा 60 लोगों का बैच आया है। ग्रुप में हम नौ लोग थे कि अचानक धक्का मुक्की हुई और कई लोग गिर गए। हम फंस गए और भीड़ बेकाबू हो गई। बचने का कोई मौका नहीं था क्योंकि सभी तरफ से धक्का दिया जा रहा था।'
MP के छतरपुर से आए एक शख्स ने बताया कि उनकी मां घायल हुई हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं मेघालय के एक दंपति को भगदड़ में फंसने के उनके भयावह अनुभव के बारे में बताते सुना गया।
'कहीं जाने का रास्ता नहीं, धक्का-मुक्की…'
इसके अलावा भगदड़ में घायल हुए अपने बच्चे का इलाज करा रही एक महिला ने PTI से कहा,
Advertisement
'कहीं जाने का रास्ता नहीं था। कुछ लोग धक्का-मुक्की करते हुए हंस रहे थे। जबकि हम उनसे बच्चों पर रहम करने की भीख मांग रहे थे।'
स्थिति पर नजर बनाए रखे हैं पीएम मोदी
इस घटना के बाद से पीएम मोदी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह अब तक सीएम योगी आदित्यनाथ से तीन बार बात कर चुके हैं। उन्होंने घटनाक्रम की समीक्षा की और तत्काल सहायता उपाय करने को कहा है।
कुंभ मेले की परंपरा के मुताबिक, संन्यासी, बैरागी और उदासीन अखाड़े भव्य जुलूस के साथ संगम तट पर पहुंचकर एक तय क्रम में अमृत स्नान करते हैं जिसमें क्रम में पहले स्थान पर पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी अमृत स्नान करता है।
एक बार फिर अमृत स्नान शुरू
महाकुंभ में मची भगदड़ की घटना के बाद सभी अखाड़ों ने पहले अमृत स्नान नहीं करने का फैसला लिया था। हालांकि अब सभी अखाड़ों के बीच स्नान करने की सहमति बनने के बाद अमृत स्नान फिर से शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि भीड़ के हटने के बाद सभी 13 अखाड़े 1 बजे के बाद स्नान करेंगे।