Uttar Pradesh:दुष्कर्म के दोषी युवक को 20 साल की कैद, एक लाख का जुर्माना
लखनऊ की एक विशेष अदालत ने साल 2019 में तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए उसे 20 साल कैद की सजा सुनाई है।
- भारत
- 2 min read

लखनऊ की एक विशेष अदालत ने साल 2019 में तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए उसे 20 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की अदालत के विशेष न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी ने सोमवार को यह फैसला सुनाया।
इस मामले में अपराध के समय आरोपी करीब 15 साल का था। हालांकि, उसके द्वारा किए गए जघन्य अपराध को देखते हुए किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) ने पॉक्सो अधिनियम के तहत एक समिति गठित की थी, ताकि यह रिपोर्ट प्राप्त की जा सके कि क्या वह मानसिक रूप से परिपक्व है और क्या वह विचाराधीन अपराध के परिणामों को समझता है।
समिति ने 11 नवंबर 2019 को अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया कि किशोर को यह तो समझ में आ गया था कि अपराध क्या है लेकिन वह अपराध के परिणाम को नहीं समझ पाया था। इस रिपोर्ट के आधार पर जेजेबी ने मामले को विशेष पॉक्सो अदालत में भेज दिया ताकि उस पर बालिग की तरह मुकदमा चलाया जा सके।
पॉक्सो अधिनियम के तहत
पॉक्सो अधिनियम के तहत अगर किशोर को यह समझ में आ गया था कि अपराध क्या है लेकिन फिर भी उसने जघन्य अपराध किया है तो उसका मुकदमा जेजेबी द्वारा नहीं बल्कि नियमित पॉक्सो अदालत में चलाया जा सकता है। इसी आधार पर मुकदमा चलाया गया और साक्ष्यों के आधार पर विशेष पॉक्सो अदालत ने उसे दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के अपराधों के लिए दोषी ठहराया।
Advertisement
अभियोजन पक्ष के मुताबिक तीन वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की दादी ने छह मई 2019 को काकोरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि उनके पड़ोस में रहने वाला किशोर उनकी पोती को अपने घर ले गया था और वहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया था। घटना के समय आरोपी लड़के को पकड़कर किशोर न्याय बोर्ड भेज दिया गया था।
Advertisement
(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)