आध्यात्मिक पर्यटन का आधार कोई बन सकता है, तो वह उत्तर प्रदेश है: CM योगी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आस्था और अर्थव्यवस्था का जो दृष्टिकोण दिया है, उसके तहत आध्यात्मिक पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं और देश में आध्यात्मिक पर्यटन का आधार कोई बन सकता है, तो वह उत्तर प्रदेश है।

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CM Yogi Adityanath
CM Yogi Adityanath | Image: R Bharat

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आस्था और अर्थव्यवस्था का जो दृष्टिकोण दिया है, उसके तहत आध्यात्मिक पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं और देश में आध्यात्मिक पर्यटन का आधार कोई बन सकता है, तो वह उत्तर प्रदेश है। यहां सेक्टर-2 में मीडियाकर्मियों के साथ संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा, “महाकुंभ वास्तव में एक वैश्विक आयोजन बन गया और इसकी सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को जाता है।”

उन्होंने कहा, “देश में आध्यात्मिक पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं और उत्तर प्रदेश इसका आधार बन सकता है।” योगी ने कहा, “पिछले वर्ष लगभग 65 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक उत्तर प्रदेश में मंदिरों को लेकर प्रख्यात विभिन्न शहरों में आए थे, जिनमें अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, चित्रकूट, विंध्याचल, गोरखपुर और नैमिषारण्य शामिल हैं।” उन्होंने कहा, “अकेले प्रयागराज में पिछले 45 दिनों में 66 करोड़ 30 लाख पर्यटक और श्रद्धालु आ चुके हैं।

45 दिनों में 100 देशों के लोग प्रयागराज पहुंचे-योगी

प्रयागराज महाकुंभ ने उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन के पांच गलियारे उपलब्ध कराए। इनमें प्रयागराज से मिर्जापुर और काशी, प्रयागराज से अयोध्या और गोरखपुर, प्रयागराज से लालापुर, राजापुर और चित्रकूट, प्रयागराज से लखनऊ और नैमिषारण्य और प्रयागराज से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते मथुरा-वृंदावन होते हुए शुक्रताल गलियारे शामिल हैं।”योगी ने कहा, “इन पांचों गलियारों में पिछले डेढ़ महीने में देश-दुनिया से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आए। महाकुंभ मेले के दौरान 45 दिनों में 100 देशों के लोग प्रयागराज पहुंचे, जिनमें 74 देशों के उच्चायुक्त और राजदूत शामिल हैं। इसके अलावा, 12 देशों के मंत्रियों और राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति भी दर्ज की गई।”

महाकुंभ के लिए 7,500 करोड़ रुपये खर्च किए-योगी 

उन्होंने कहा, “महाकुंभ के पूरे आयोजन में केंद्र और राज्य ने निर्माण कार्यों पर 7,500 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें 200 से अधिक सड़कों, 14 फ्लाईओवर, नौ अंडरपास और 12 कॉरिडोर का निर्माण शामिल है। वहीं 15,000 से अधिक स्वच्छताकर्मी महाकुंभ में साफ-सफाई सुनिश्चित करने में जुटे रहे।” मुख्यमंत्री ने कहा, “परिवहन निगम की 7,500 से अधिक बसें लगाई गईं और 750 से ज्यादा शटल बसें चलाई गईं। सभी विभागों ने पूरी तत्परता के साथ मिलकर इस आयोजन को नयी ऊंचाई पर पहुंचाया।” 

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योगी ने महाकुंभ मेले के शानदार कवरेज के लिए मीडिया की सराहना की। उन्होंने कहा, “आपने (मीडिया) देश-दुनिया को महाकुंभ के महत्व के बारे में बताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैं इसके लिए आपको धन्यवाद देता हूं।”

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड