'यूपी के होंगे चार हिस्से, पूर्वांचल राज्य बना तो राजभर का बेटा बनेगा CM' देवरिया में भरे मंच से ओपी राजभर का बड़ा दावा, देखिए VIDEO

सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को सामाजिक समरसता समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा। विरोधियों पर तंज कसा कि दरअसल ये लोग लोडर हैं।

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सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को सामाजिक समरसता समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा। विरोधियों पर तंज कसा कि दरअसल ये लोग लोडर हैं। किसी के यहां नौकरी करते हैं और तुलना मालिक से करते हैं। राजभर ने दावा किया कि आने वाले दिनों में प्रदेश चार भागों में बंटेगा। कहा कि जिस दिन पूर्वांचल अलग होगा, सबसे पहले राजभर समाज का बेटा मुख्यमंत्री बनेगा। सपा पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि जिन्हें घमंड है कि उनकी सरकार आने वाली है, वे भ्रम में न रहें।

इसके साथ ही उन्होंने आरक्षण में हिस्सेदारी और जातिगत जनगणना का मुद्दा भी उठाया। ओपी राजभर ने कहा कि जातिगत जनगणना के बाद आरक्षण में हिस्सेदारी के सवाल पर आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि पिछड़े वर्ग को 1993 से 27 फीसदी आरक्षण मिल रहा है, लेकिन इसका लाभ कुछ ही जातियों तक सीमित रह गया है। उन्होंने आरक्षण के लाभ को सभी पिछड़े वर्गों तक पहुंचाने के लिए इसके बंटवारे की जरूरत बताई।

राजभर बोले- पीएम मोदी के सामने उठा चुका हूं मुद्दा

सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि आरक्षण में बंटवारे की मांग को लेकर लखनऊ में दो बार पंचायत की गई। इसके बाद केंद्र स्तर पर रोहिणी आयोग का भी गठन हुआ। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को प्रधानमंत्री के सामने भी उठाया गया है।  रैली में राजभर ने गरीबों के इलाज, आयुष्मान कार्ड और पेंशन समेत सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चों को पढ़ाना जरूरी है। समाज के बेटा-बेटी पढ़ेंगे, तभी विकास संभव होगा। इससे पहले निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने भी प्रयागराज में रैली कर आरक्षण का मुद्दा उठाया।

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सपा, कांग्रेस और बसपा पर तीखा तंज

मंच से उन्होंने कांग्रेस, सपा और बसपा पर भी निशाना साधा। राजभर ने कहा कि कांग्रेस ने करीब 60 साल शासन किया, जबकि सपा और बसपा भी कई बार उत्तर प्रदेश की सत्ता में रहीं। उन्होंने सवाल किया कि इतने लंबे राजनीतिक दौर के बाद पिछड़े समाज को क्या मिला। समर्थकों से राजभर ने कहा कि किसी के बहकावे में आकर सपा, बसपा या कांग्रेस में जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 10 साल से सरकार के साथ है और इस दौरान समाज के लोगों को कई योजनाओं का लाभ मिला है।

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चार हिस्सों में बंटवारे का पुराना इतिहास

उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने की बात पहले भी राजनीति में उठती रही है। 2011 में मायावती सरकार ने विधानसभा में प्रदेश को पूर्वांचल, बुंदेलखंड, पश्चिम प्रदेश और अवध प्रदेश में बांटने का प्रस्ताव पास किया था। बाद में यह प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था।

फिलहाल इस दिशा में कोई नया प्रशासनिक या सरकारी फैसला नहीं हुआ है। देवरिया के मंच से उठा यह बयान ओम प्रकाश राजभर की अपनी सियासी रणनीति और आने वाले दिनों में पिछड़े वोट बैंक को साधे रखने की एक सोची-समझी बिसात नजर आती है।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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