UP: सहारनपुर में कफ सिरप की अवैध तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, विभोर राणा और विशाल के फर्म का लाइसेंस रद्द; ED की जांच जारी

कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी को लेकर यूपी के सहारनपुर में जांच एजेंसी की पड़ताल लगातार चल रही है। इस बीच कफ सिरप की अवैध तस्करी मामले में गिरफ्तार सगे भाइयों विशाल राणा और विभोर राणा से जुड़ी दो फर्मो के लाइसेंस को रद्द कर दिया है।

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कप सिरप | Image: ANI/वीडियो ग्रैब

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद एक्शन जारी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध तस्करी मामले में विभोर राणा और उसके भाई विशाल की फर्म का लाइसेंस निरस्त कर दिया। वहीं, मामले में ई़डी की जांच भी जारी है।

कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी को लेकर यूपी के सहारनपुर में जांच एजेंसी की पड़ताल लगातार चल रही है। इस बीच कफ सिरप की अवैध तस्करी मामले में गिरफ्तार सगे भाइयों विशाल राणा और विभोर राणा से जुड़ी दो फर्मो, जीआर ट्रेडिंग कंपनी और एबॉट हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। FSDA ने यह कार्रवाई की है।

विभोर और विशाल के फर्म का लाइसेंस रद्द

जीआर ट्रेडिंग का लाइसेंस विभोर राणा और एबॉट हेल्थकेयर का लाइसेंस विशाल के नाम पर था।दोनों भाइयों पर कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी यूपी के अलावा पश्चिम बंगाल, असम, उत्तराखंड, बिहार और बांग्लादेश में करने का आरोप है। जांच में पता चला है कि फर्जी बिलिंग और कागजी बिक्री दिखाकर असल खेपों को तस्करों तक पहुंचाया जाता था।

STF से कर रही आरोपियों से पूछताछ

यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने इस मामले में 12 नवंबर को विभोर राणा, विशाल राणा, सचिन कुमार और बिट्टू कुमार को सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से नेटवर्क के एक-एक सदस्य की धरपकड़ जारी है। पूछताछ में आरोपियों ने करोड़ों रुपये की अवैध कमाई का खुलासा किया है।

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 मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी जांच 

वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज कर दी है। पिछले दो दिनों से ED की टीमें राणा बंधुओं के आवास, कार्यालय और संबंधित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। ED को संदेह है कि अवैध कमाई से आलीशान बंगले और लग्जरी सामान खरीदे गए। इसी क्रम में बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह और अमित सिंह टाटा से भी लगातार पूछताछ हो रही है। आलोक सिंह पर आरोप है कि उन्होंने तीन साल में 20 करोड़ रुपये की लागत से आलीशान बंगला बनवाया, लेकिन इसके स्रोत का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड