'जब बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की साजिश रची जा रही थी तब...', श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर बोले CM योगी, कांग्रेस पर खूब बरसे
सीएम योगी ने कहा कि बंगाल को जब पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की कोशिश हुई थी इसके खिलाफ डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी उठ खड़े हुए थे। नेहरू सरकार की तुष्टिकरण की नीति देश की अखंडता के सामने चुनौती बनी, तब उन्होंने सत्ता को तिलांजलि दे दी थी।
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CM Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जब विभाजन के समय बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की साजिश रची जा रही थी, तब डॉ. मुखर्जी ही थे जो इसके खिलाफ मजबूती से खड़े हुए थे। सीएम ने स्पष्ट किया कि आज पश्चिम बंगाल अगर भारत का अभिन्न अंग है, तो इसका श्रेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साहसिक प्रयासों को भी जाता है।
दरअसल, सीएम योगी ने पार्क रोड स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस मौके पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
‘बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की कोशिश…’
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा, 'उत्तर प्रदेश शासन और उत्तर प्रदेश की जनता जनार्दन की ओर से मैं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। देश की आजादी के आंदोलन में वे प्रमुखता से जुड़े। बंगाल को जब पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की कोशिश हुई थी इसके खिलाफ डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी उठ खड़े हुए थे। आज का पश्चिम बंगाल अगर भारत का हिस्सा है तो इसमें जिन महान नेताओं ने अपने आप को समर्पित करके आंदोलन का हिस्सा बनाया था उसमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता था।'
देश की अखंडता के लिए मुखर्जी ने सत्ता की तिलांजलि दी- CM
उन्होंने आगे कहा, 'स्वतंत्र भारत में देश के खाद्य और उद्योग मंत्री के रूप में उन्होंने देश के अंदर खाद्य नीति और उद्योग नीति को प्रमुखता से लागू करने का काम किया। लेकिन जब नेहरू सरकार की तुष्टिकरण की नीति देश की अखंडता के सामने चुनौती बनी, तब उन्होंने सत्ता को तिलांजलि दे दी थी। वह सरकार से अलग हो गए थे। भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की अखंडता के लिए एक देश में दो विधान, दो प्रधान, 2 निशान नहीं चलेंगे का उद्घोष करते हुए कश्मीर की परमिट प्रणाली का विरोध किया। इस पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। फिर 1953 में कश्मीर में ही उनकी मौत हो गई।'
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सीएम योगी ने धारा 370 का जिक्र कर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा, 'श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने धारा 370 के खिलाफ नेहरू सरकार की तुष्टिकरण की नीति के विरोध में जो शंखनाद किया था, जो देश की एकता और अखंडता को चुनौती दे रही थी। उस सपने को साकार किया है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार में 2019 में कश्मीर में धारा 370 खत्म करते हुए कश्मीर में भी भारत के कानून और संविधान को प्रभावी ढंग से लागू किया गया। यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है।'