UP: मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार थमा, मतदान पांच फरवरी को
UP News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए प्रचार सोमवार शाम पांच बजे थम गया।
- भारत
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UP News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए प्रचार सोमवार शाम पांच बजे थम गया। मिल्कीपुर में उपचुनाव के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा, जबकि नतीजे आठ फरवरी को आएंगे।
मिल्कीपुर सीट समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अवधेश प्रसाद के 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद (अयोध्या) से सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई थी। उपचुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए जहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूरी ताकत झोंक दी है, वहीं मुख्य विपक्षी दल सपा के शीर्ष नेताओं ने भी मतदाताओं को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
मिल्कीपुर उपचुनाव में कुल 10 उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस ने जहां सपा उम्मीदवार के समर्थन की घोषणा की है, वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उपचुनाव से दूर रहने का फैसला किया है।
उपचुनाव में भाजपा ने चंद्रभानु प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि सपा ने अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को मौका दिया है। उपचुनाव में भाजपा ने सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए राष्ट्रवाद का नारा दिया है।
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नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व वाली आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने भी मिल्कीपुर में अपना उम्मीदवार उतारा है। जानकारों के मुताबिक, 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद (अयोध्या) में सपा नेता अवधेश प्रसाद की जीत से भाजपा को जो झटका लगा है, उससे उबरने के लिए पार्टी मिल्कीपुर उपचुनाव में हर हाल में जीत दर्ज करने की कोशिशों में जुटी है।
सोमवार को चुनाव प्रचार समाप्त होने से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने नौ सीटों पर पिछले वर्ष उपचुनाव कराया, लेकिन हार के डर से मिल्कीपुर सीट का चुनाव टाल दिया।
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उन्होंने कहा, “भाजपा जानती थी कि मिल्कीपुर के लोग समाजवादियों का साथ कभी नहीं छोड़ सकते, इसलिए उन्होंने सुनिश्चित किया कि चुनाव टल जाए। लेकिन जो लोग चुनाव से भागेंगे, जनता उन्हें मिल्कीपुर से बाहर निकालने का काम करेगी।”