अपडेटेड 9 February 2025 at 23:20 IST

महाकुंभ में अनुमान से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से यातायात व्यवस्था बिगड़ी

महाकुंभ मेले में स्नान पर्व के इतर प्रयागराज की चारों दिशाओं से आने वाले मार्गों पर रविवार को कई कई घंटों का जाम लगा रहा।

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Mahakumbh
Mahakumbh | Image: PTI

Mahakumbh 2025 : महाकुंभ मेले में स्नान पर्व के इतर आम दिनों में अनुमान से कहीं अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से प्रयागराज की चारों दिशाओं से आने वाले मार्गों पर रविवार को कई कई घंटों का जाम लगा रहा। स्टेशन के बाहर अधिक भीड़ होने से प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन बंद कर दिया गया।

मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, रविवार शाम आठ बजे तक 1.57 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया तथा 13 जनवरी से नौ फरवरी तक 43.57 करोड़ से अधिक श्रद्धालु महाकुंभ में गंगा में डुबकी लगा चुके हैं। रायबरेली से आए श्रद्धालु राम कृपाल ने बताया कि लखनऊ-प्रयागराज राजमार्ग पर फाफामऊ से पहले वह पांच घंटे जाम में फंसे रहे और फिर किसी तरह बेला कछार में वाहन खड़ा कर पैदल ही वहां से संगम घाट के लिए निकल पड़े। 

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर जाम की स्थिति को लेकर पोस्ट किया, “प्रयागराज महाकुंभ में फंसे करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए तुरंत आपातकालीन व्यवस्था का जाए। हर तरफ जाम में भूखे-प्यासे, बेहाल और थके तीर्थयात्रियों को मानवीय दृष्टि से देखा जाए। आम श्रद्धालु क्या इंसान नहीं हैं।”

उन्होंने लिखा, “प्रयागराज में प्रवेश के लिए लखनऊ की तरफ 30 किलोमीटर पहले से ही नवाबगंज में जाम, रीवा रोड की तरफ से गौहनिया में 16 किलोमीटर पहले से जाम और वाराणसी की तरफ 12 से 15 किलोमीटर के जाम और ट्रेन के इंजन तक में भीड़ के प्रवेश कर जाने के समाचार हर जगह प्रकाशित हो रहे हैं। आम जनजीवन दूभर हो गया है।”

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अखिलेश ने कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार असफल हो चुकी है। वह अहंकार से भरे झूठे विज्ञापन में ही दिख रही है, लेकिन सच में जमीन पर नदारद है।”

एडीसीपी (यातायात) कुलदीप सिंह ने कहा, “वाहनों की संख्या बहुत अधिक है और यात्री इस कोशिश में हैं कि वे नजदीक से नजदीक आएं। इसकी वजह से लंबा जाम लग रहा है। हमें मौनी अमावस्या वाली व्यवस्था लागू करनी पड़ रही है।” सिंह के अनुसार मौनी अमावस्या पर जितनी भीड़ आई थी, लगभग उतनी ही भीड़ अब आ रही है। भीड़ बहुत अधिक है। मौनी अमावस्या पर मेला क्षेत्र के नजदीक की पार्किंग पहले भरी जा रही थी और उसके बाद दूर की पार्किंग भरी जा रही थी।

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एडीसीपी (यातायात) ने बताया, “दूर की पार्किंग 50 प्रतिशत भर गई है। नजदीक वाली पार्किंग छोटी पार्किंग है, जबकि दूर वाली पार्किंग बड़ी है। उदाहरण के तौर पर आईईआरटी और बघाड़ा पार्किंग (मेला क्षेत्र के नजदीक) की क्षमता चार से पांच हजार वाहनों को खड़े किये जाने की है, जबकि दूर की पार्किंग जैसे नेहरू पार्क और बेला कछार की पार्किंग में 20-25 हजार वाहन आ सकते हैं।”

उन्होंने बताया कि स्नान पर्व पर स्थानीय लोगों के वाहन नहीं चलते हैं, लेकिन अभी सभी तरह के वाहन चल रहे हैं। सिंह ने कहा कि पिछले (2019) कुंभ में इतनी भीड़ नहीं आई थी खासकर सामान्य दिनों में, लेकिन इस बार सामान्य दिनों में इतनी अधिक भीड़ आ रही है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों तक श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने के आसार नहीं दिखते।

इस बीच, वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्यिक प्रबंधक (उत्तर रेलवे), लखनऊ कुलदीप तिवारी ने बताया, “चूंकि प्रयागराज संगम स्टेशन के बाहर भारी भीड़ की वजह से यात्रियों को स्टेशन से बाहर निकलने में बाधा आ रही थी, ऐसे में प्रयागराज संगम स्टेशन को बंद करने का निर्णय लिया गया।”

वहीं उत्तर मध्य रेलवे ने महाकुंभ 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रयागराज जंक्शन स्टेशन पर अग्रिम आदेश तक एकल दिशा में आवागमन की व्यवस्था लागू की है। उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता के लिए प्रवेश केवल सिटी साइड (प्लेटफ़ॉर्म नं.-1 की ओर) से दिया जाएगा और निकासी केवल सिविल लाइंस की तरफ से होगी।

उन्होंने बताया कि अनारक्षित यात्रियों को दिशावार यात्री आश्रय के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। टिकट की व्यवस्था यात्री आश्रयों में अनारक्षित टिकट काउंटर, एटीवीएम और मोबाइल टिकटिंग के रूप में रहेगी। मालवीय के अनुसार इसी प्रकार, आरक्षित यात्रियों को प्रवेश गेट संख्या पांच से दिया जाएगा और उन्हें ट्रेन आने से आधे घंटे पहले ही प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति होगी।

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 9 February 2025 at 23:19 IST