दिल्ली में बढ़ी सियासी गर्मी, जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे प्रवेश वर्मा; सीएम पद की करेंगे दावेदारी?
Pravesh Verma: तमाम तरह की अटकलों के बीच खबर आ रही है कि प्रवेश वर्मा आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं।
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Pravesh Verma: दिल्ली में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद नई सरकार बनाने को लेकर कवायद तेज हो गई है। मुलाकात और मंथनों का सिलसिला जारी है। 8 फरवरी को घोषित दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों में बीजेपी को जबरदस्त जनादेश मिला है। अब मुख्यमंत्री का चेहरा तय करने की बारी है। अरविंद केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा दिल्ली में बीजेपी में मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं। खैर, तमाम तरह की अटकलों के बीच अब खबर आ रही है कि प्रवेश वर्मा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं।
सूत्रों के हवाले से खबर है कि आज रात लगभग 8 बजे प्रवेश वर्मा की जेपी नड्डा से मुलाकात हो सकती है। हालांकि जानकारी मिल रही है कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात होगी। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने आज सुबह ही मुख्यमंत्री पद खाली किया है। रविवार, 9 फरवरी को आतिशी ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंपा। उसके बाद उपराज्यपाल ने दिल्ली विधानसभा को भी भंग कर दिया है।
आज ही नड्डा ने शाह से की है मुलाकात
दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के साथ नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर कवायद तेज होने के बीच पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी सहित वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा मुख्यालय में विचार-विमर्श किया था।
सीएम पद के संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट
जाहिर है कि बीजेपी ने चुनावों में हर क्षेत्र और अधिकतर समुदायों के बीच शानदार बढ़त हासिल की है, इसलिए उसके पास सीएम पद के संभावित उम्मीदवारों की एक विस्तृत लिस्ट है। दूसरी ओर अन्य राज्यों में अपने मुख्यमंत्रियों को चुनने में पार्टी के विकल्पों को अक्सर बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जाता है। ऐसे में राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि दिल्ली कोई अपवाद नहीं होगा।
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पीटीआई के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल को हराने वाले जाट समुदाय के नेता प्रवेश वर्मा जैसे प्रमुख चेहरे और सतीश उपाध्याय, विजेंद्र गुप्ता, आशीष सूद और पवन शर्मा जैसे संगठन के अनुभवी नेताओं की चर्चा हो रही है। लेकिन बीजेपी का इतिहास कम चर्चित नेताओं को आगे बढ़ाने का रहा है। भाजपा के एक नेता ने बताया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व राजनीतिक समीकरणों के आधार पर पूर्वांचल की पृष्ठभूमि वाले किसी विधायक, सिख या महिला पर भी विचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि साल 2023 में मध्यप्रदेश और राजस्थान और पिछले साल ओडिशा समेत पिछले अनुभव के मुताबिक ऐसे मामलों पर अटकलों के लिए बहुत कम गुंजाइश बचती है।
प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल को हराया
बता दें कि 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल नई दिल्ली सीट पर प्रवेश वर्मा से 4,089 मतों के अंतर से हार गए। केजरीवाल ने इस सीट पर 2013, 2015 और 2020 में जीत हासिल की थी।