राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद मंदिर ट्रस्ट हुआ सख्त, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद उनकी एंट्री पर लगाई रोक
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के बाद ट्रस्ट ने सख्त कदम उठाए हैं। महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। गोपाल राव को हटाया गया। तीनों की मंदिर एंट्री और पास आईडी पर रोक लगा दी गई है।
- भारत
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अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सख्त कदम उठाए हैं। ट्रस्ट की हालिया बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं। साथ ही विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव पर भी कार्रवाई की गई है।
इस फैसले के बाद ट्रस्ट ने तीनों की मंदिर परिसर में एंट्री पर रोक लगा दी है। चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के पास आईडी कार्ड रद्द कर दिए गए हैं। अब इनकी किसी भी सिफारिश पर दर्शन पास जारी नहीं किए जाएंगे।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने मीडिया को बताया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को नैतिक आधार पर स्वीकार किया गया है, ताकि जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके। गोपाल राव को भी विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची से बाहर कर दिया गया है।
पूरा मामला क्या है?
राम मंदिर में दान पेटियों से नकद पैसे और कीमती जेवरात की चोरी की शिकायतें आईं। पुलिस ने जांच शुरू की और बाद में SIT का गठन किया गया। जांच में पता चला कि कुछ निचले स्तर के कर्मचारियों द्वारा छोटे स्तर पर चोरी की गई थी। अब तक 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ट्रस्ट ने पारदर्शिता के लिए आंकड़े भी जारी किए हैं। उनके अनुसार, 2020 से अब तक मंदिर को 3,264 करोड़ रुपये से ज्यादा चंदा-चढ़ावा मिल चुका है। चांदी और अन्य दान की वस्तुओं का पूरा हिसाब-किताब और ऑडिट किया गया है।
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ट्रस्ट की बैठक में क्या फैसला हुआ?
ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया। ट्रस्ट ने इनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए। अब कृष्ण मोहन (पूर्व IFS अधिकारी) को अंतरिम महासचिव बनाया गया है। चढ़ावा चोरी के बाद ट्रस्ट ने सुरक्षा और प्रशासनिक सख्ती बढ़ा दी है। चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की पास आईडी बंद कर दी गई हैं। तीनों की मंदिर परिसर में एंट्री पर रोक लगा दी गई है। इनकी सिफारिश पर अब दर्शन पास भी जारी नहीं किए जाएंगे।
गोपाल राव का क्या कहना है?
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मंदिर निर्माण से जुड़े विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव का कहना है कि उन्हें ट्रस्ट से हटाया नहीं गया है। उन्होंने बताया कि कुछ समय के लिए बैठकों से दूर रहने को कहा गया है। हालांकि ट्रस्ट की ओर से उन्हें विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची से हटाने का फैसला लिया गया था और बैठक में उनकी एंट्री भी रोकी गई थी।