'सर तन से जुदा' नारा देश के लिए खतरा, इसकी तुलना 'अल्लाहु-अकबर'..., मौलाना तौकीर रजा को बड़ा झटका, इलाहाबाद HC ने जमानत अर्जी की खारिज

बरेली हिंसा मामले में मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा को इलाहाबाद HC से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि 'सर तन से जुदा' नारा भारत की आजादी को चुनौती देता है।

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Maulana Tauqeer Raza
Maulana Tauqeer Raza | Image: ANI

उत्तर प्रदेश के बरेली हिंसा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खान को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने मौलाना की जमानत याचिका खारिज करते हुए किसी भी तरह की राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने कहा कि हिंसक और भड़काऊ नारे लगाना कानून के शासन को सीधी चुनौती देने के समान है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि 'सर तन से जुदा' नारा भारत की आजादी को चुनौती देता है।

जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की सिंगल बेंच ने मौलाना तौकीर रजा की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस तरह का नारा लोगों को सशस्त्र विद्रोह के लिए उकसाता है। ऐसे नारे पर बेहद सख्त रूख अपनाते हुए कोर्ट ने कहा कि इसकी तुलना 'अल्लाहु-अकबर', 'जय श्री राम' से नहीं की जा सकती है। हाईकोर्ट ने घटना के बाद मौलाना के आचरण को भी बेहद गंभीर माना है।

सर तन से जुदा नारा देश की संप्रभुता को चुनौती-HC 

जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा, ‘गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सर तन से जुदा’ जैसे नारे देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए खुली चुनौती हैं। अदालत इन्हें ‘नारा-ए-तकबीर अल्लाहु अकबर’, ‘जय श्री राम’ या ‘सत श्री अकाल’ जैसे पारंपरिक धार्मिक नारों से पूरी तरह अलग बताया और इन्हें सशस्त्र विद्रोह (आर्म्ड रिबेलियन) के लिए सीधा उकसावा करार दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटी पुलिस पर हमला करना और अराजकता फैलाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

बरेली में कैसे भड़की थी हिंसा 

बता दें कि बरेली में 26 सिंतबर 2025 को जुमे की नमाज के दिन हिंसा भड़की थी। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की थी। आई लव मोहम्मद के पोस्टर और मौलाना तौकीर रजा के भड़काऊ बयानों और आह्वान पर हजारों की संख्या में भीड़ सड़कों पर उतर आई थी। उपद्रवियों ने तोड़फोड़ और आगजनी शुरू की। पुलिस पर पथराव किया, फायरिंग की, दुकानों व वाहनों में तोड़फोड़ की और पुलिस के हथियार तक लूट लिए। हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

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हिंसा के बाद पुलिस की कार्रवाई में मौलाना तौकीर के करीबियों की 150 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त कर ली गई । वहीं, मौलाना के करीबियों पर बुलडोजर एक्शन भी हुआ था। 

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड