यौन शोषण मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पहुंचे हाई कोर्ट, दाखिल की अग्रिम जमानत याचिका
POCSO case against Swami Avimukteshwaranand: यौन शोषण मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का रूख किया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई। उनकी याचिका पर जल्द सुनवाई हो सकती है।
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Swami Avimukteshwaranand news: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामला अब इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंच गया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए अविमुक्तेश्वरानंद ने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया है और इस पर जल्द सुनवाई की संभावना है।
अविमुक्तेश्वरानंद पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज है. बताया जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में सुनवाई होगी। आरोप है कि माघ मेले के दौरान आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ।
अविमुक्तेश्वरानंद से हो सकती है पूछताछ
प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यौन शोषण के आरोपों में FIR दर्ज दर्ज होने के बाद पुलिस एक्शन मोड़ में है। पांच सदस्यीय टीम सबूत जुटाने और पीड़ितों के बयान दर्ज करने में लगी है। दूसरी ओर पुलिस एक टीम अविमुक्तेश्वरानंद से पूछताछ भी कर सकती है।
कई धाराओं में दर्ज हुआ केस
21 फरवरी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की याचिका पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी सहित अन्य के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने आरोपों को गंभीर बताते हुए POCSO एक्ट के साथ BNS की धारा 351(3) के तहत कार्रवाई का निर्देश दिया।
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आरोप है कि माघ मेले के दौरान उनके विद्या मठ आश्रम या शिविर में दो नाबालिग बच्चों (14 और 17 वर्ष) के साथ यौन शोषण किया गया, जो 'गुरु सेवा' के बहाने हुआ। पीड़ितों के बयान कोर्ट में दर्ज किए गए और सबूत पेश किए गए। कोर्ट के आदेश के कुछ घंटों बाद ही 21 फरवरी को झूंसी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
आरोपों पर क्या बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने कहा कि आरोप "पूर्णतः निर्मित" हैं और शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी एक हिस्ट्रीशीटर हैं। उन्होंने दावा किया कि आरोपित बच्चे कभी उनके गुरुकुल में नहीं आए, न पढ़े और उनके आश्रम से कोई संबंध नहीं है।
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अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वे भाग नहीं रहे हैं, जांच में पूरा सहयोग करेंगे और अगर गिरफ्तारी होती है तो विरोध नहीं करेंगे। उन्होंने जांच को किसी गैर-BJP शासित राज्य की पुलिस से कराने की मांग भी की और इसे राजनीतिक साजिश बताया।