अपडेटेड 24 February 2026 at 13:01 IST
अतीक अहमद तो खत्म लेकिन कहां छिपी है शाइस्ता परवीन; आसमान खा गया या धरती निगल गई? उमेश पाल हत्याकांड के 3 साल बाद भी फरार बमबाज गुड्डू
24 फरवरी 2023 यानी तीन साल पहले आज का ही दिन, यूपी की सबसे बड़ी सनसनी उमेश पाल हत्याकांड। माफिया अतीक अहमद की साजिश पर शूटरों ने सरेआम उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों को गोलियों से भून दिया था।
- भारत
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Umesh Pal Murder Case: 24 फरवरी 2023 यानी तीन साल पहले आज का ही दिन, यूपी की सबसे बड़ी सनसनी उमेश पाल हत्याकांड। माफिया अतीक अहमद की साजिश पर शूटरों ने सरेआम उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों को गोलियों से भून दिया था। हत्याकांड के बाद यूपी की सियासत में भूचाल आ गया। ऑपरेशन अतीक की शुरुआत हुई और माफिया का कुनबा नेस्तनाबूद हो गया। माफिया तो मिट्टी में मिला ही साथी गैंग आईएस-227 को उखाड़ फेंका गया। हालांकि उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य शूटर 5 लाख के इनामी गुड्डू मुस्लिम उर्फ गुड्डू बमबाज, अरमान और साबिर अब तक फरार हैं।
अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन, अशरफ की पत्नी जैनब फात्मा और अतीक की बहन आयशा नूरी मोस्ट वांटेड लिस्ट में शुमार हैं। अब 24 फरवरी 2026 की तारीख है तो सवाल तो उठने ही हैं। सवाल ये कि फरार चल रहे अपराधियों की गिरफ्तारी कब? इस मौके पर उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने फरार शूटरों को जल्द गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि तीनों लेडी डॉन और शूटरों के फरार होने से अभी भी उनके परिवार को खतरा बना हुआ है।
उन्होंने कहा है कि अभी भी माफिया अतीक अहमद के करीबी तरह-तरह के रील बनाकर सोशल मीडिया पर डालते हैं। जिसके जरिए दहशत फैलाने और उन्हें डराने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल मुझे पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा मुहैया कराई है। लेकिन यह सुरक्षा कब तक रहेगी यह मुझे नहीं पता है। हालांकि जया पाल ने यह जरूर कहा है कि उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ से न्याय मिला है।
घटनाक्रम पर डालिए एक नजर
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3 साल पहले हुए अधिवक्ता उमेश पाल व दो सरकारी गनर शूटआउट ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। विधानसभा में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने यूपी की कानून व्यवस्था पर सवार उठाया था। जिसके जवाब में विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि वह माफिया को मिट्टी में मिला देंगे। इस शूटआउट में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ का नाम सामने आया था। शूटआउट का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद माफिया अतीक अहमद के तीसरे नंबर के बेटे असद की भी पहचान हुई थी। इस मामले में सबसे पहले ड्राइवर अरबाज उसके बाद शूटर उस्मान चौधरी पुलिस एनकाउंटर में ढेर किए गए। इसके बाद फरार चल रहे अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम को यूपी एसटीएफ ने 13 अप्रैल को झांसी में एनकाउंटर मार गिराया।
इसके बाद 15 अप्रैल को पुलिस कस्टडी में मेडिकल के लिए ले जाते हुए तीन शूटरों ने अतीक अहमद और अशरफ की काल्विन अस्पताल में गोली मारकर हत्या कर दी थी। हालांकि अधिवक्ता उमेश पाल व दो सरकारी गनर शूटआउट मामले में जहां 5-5 लाख के इनामी तीन शूटर बमबाज गुड्डू मुस्लिम, साबिर और अरमान बिहारी फरार हैं। वहीं लेडी डान शाइस्ता परवीन, जैनब फातिमा और आयशा नूरी का भी अब तक कोई पता नहीं चला है। हालांकि पुलिस की मजबूत पैरवी की वजह से अब तक इस शूटआउट से जुड़े किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिली है।
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अब तक छह आरोपियों की जमानत हाईकोर्ट से भी खारिज हो चुकी है. जबकि गुड्डू मुस्लिम को पनाह देने के आरोपी अतीक अहमद के बहनोई डॉक्टर अखलाक अहमद ने सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख देखते हुए जमानत अर्जी वापस लेनी पड़ी। फिलहाल उमेश पाल और दो सरकारी गनर शूटआउट के सभी आरोपी जेल की सलाखों के पीछे हैं।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 24 February 2026 at 13:01 IST