'नेताओं को किया नजरबंद, फिर ढहाई मस्जिद', सहारनपुर में बुलडोजर कार्रवाई पर सपा सांसद इकरा हसन का बड़ा आरोप
इकरा हसन ने कहा कि सहारनपुर जिले के हम सभी प्रमुख प्रतिनिधियों को घरों में ही रोक दिया गया और फिर सुबह-सुबह मस्जिद को गिरा दिया गया; यह बेहद शर्मनाक है।
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Iqra Hasan Reacted on House Arrest: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को कोर्ट के आदेश के बाद गिराए जाने पर कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस पूरी घटना को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए इसे बेहद शर्मनाक करार दिया है।
इकरा हसन ने कहा कि निचली सिविल कोर्ट का आदेश आने के बाद प्रशासन ने पूरी मस्जिद को सील कर दिया और चारों तरफ बैरिकेडिंग लगा दी। इस दौरान लोग सिर्फ इतना चाहते थे कि वे अधिकारियों से बात कर सकें और मामले को लेकर थोड़ा समय मांग सकें। लोग इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहते थे, लेकिन बिल्कुल भी समय नहीं दिया गया।
नेताओं को किया नजरबंद, फिर ढहाई मस्जिद- इकरा
उन्होंने आगे कहा, 'सहारनपुर जिले के हम सभी प्रमुख प्रतिनिधियों को घरों में ही रोक दिया गया और फिर सुबह-सुबह मस्जिद को गिरा दिया गया; यह बेहद शर्मनाक है। यह इतना बड़ा पाप है कि उन्हें इसकी सजा जरूर मिलकर रहेगी; इसकी माफी नहीं होगी। हम इस मामले को कोर्ट में ले जाएंगे। यह हमारा अधिकार है। लेकिन जिस तरह से यह कार्रवाई की गई, वह दिखाता है कि लोकतंत्र की हत्या कैसे हुई है। किस तरह से हमारे संविधान की, कानून व्यवस्था की इस प्रदेश में धज्जियां उड़ाई जा रही है। तमाम तौर-तरीकों में त्वरित न्याय की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अगर ऐसी ही बात हैं तो अदालतों पर ताला लगवा दीजिए। अगर हर फैसला सिर्फ सरकारी आदेशों के आधार पर ही लिया जाना है, तो फिर कानूनी व्यवस्था की कोई जरूरत ही नहीं है, कोर्ट-कचहरी की कोई जरूरत नहीं है। यह घटना बेहद निंदनीय है। लेकिन क्योंकि यह मामला विशेष समुदाय से जुड़ा हुआ है और एक विशेष समुदाय इससे आहत होगा, इसलिए सरकार सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए इस हद तक गिर गई है।'
‘पहले भी एक मस्जिद तोड़ी गई थी और…’
इकरा हसने ने कहा कि यह मस्जिद 1947 से पहले की बनी हुई है। इसमें प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट भी लागू होता है। इस पर वक्फ बाय यूजर, जो नए कानून के तहत बना है वो भी लागू होता है। लेकिन फिर भी इस मस्जिद को ढहाया गया, सिर्फ इसलिए कि हिंदू-मुस्लिम का विवाद पैदा किया जाए, एक समुदाय को आहत पहुंचाया जाए और इसके राजनीतिक फायदे उठाए जाएं। पहले भी एक मस्जिद तोड़ी गई थी। वहां पर इस बार हमारे सांसद बने हैं और भाजपा हारी है।'
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धार्मिक स्थलों को चोट पहुंचाकर नहीं जीतेंगे- इकरा हसन
उन्होंने दावा करते हुए कहा कि भाजपा की यह गलतफहमी है कि यहां पर धार्मिक स्थलों को चोट पहुंचाकर जीत जाएंगे। मैं इस सरकार को आगाह करना चाहती हूं कि इस तरीके से वे कतई नहीं जीत पाएंगे।
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