विदेश में बैठकर साजिश रच रहा संभल हिंसा का मास्टरमाइंड शारिक साठा, पुलिस ने दर्ज किए दो और FIR; कुर्की की भी पूरी तैयारी
संभल में पिछले साल हुई हिंसा के मुख्य आरोपी शारिक साठा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ दो नई एफआईआर नखासा थाने में दर्ज की हैं, जिन्हें एसआईटी टीम के एक इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट कराई है।
- भारत
- 2 min read

Sambhal Violence: संभल में पिछले साल हुई हिंसा के मुख्य आरोपी शारिक साठा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ दो नई एफआईआर नखासा थाने में दर्ज की हैं, जिन्हें एसआईटी टीम के एक इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट कराई है। शारिक साठा, जो मोहल्ला पजाया दीपा सराय का निवासी है, लंबे समय से फरार है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। पुलिस लगातार उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। पहले ही उसके खिलाफ वारंट और नॉन-बेल एरेस्ट वॉरंट (NBW) जारी हो चुके हैं, साथ ही अदालत ने उसकी संपत्ति की कुर्की की घोषणा भी की, लेकिन शारिक अदालत में हाजिर नहीं हुआ।
एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि शारिक साठा की तलाश में लगातार काम हो रहा है, मगर वह विदेश में छिपा हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शारिक साठा 2020 से देश से बाहर है। नखासा थाना पुलिस और एसआईटी के अधिकारी अब उसकी गिरफ्तारी के लिए और भी तेज कदम उठाए हुए हैं। इन दो नई एफआईआर के बाद कानून व्यवस्था कड़ी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। एसआईटी ने आगे के लिए संबंधित अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
शारिक साठा की कौन कर रहा मदद, पुलिस कर रही छानबीन
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि शारिक साठा को कौन लोग विदेश से सहयोग दे रहे हैं और वह लगातार कैसे छिपकर फरार रह पा रहा है। इसका पता लगाने के लिए कई स्तरों पर छानबीन की जा रही है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि शारिक को गिरफ्तार करने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
Advertisement
यह बात ध्यान योग्य है कि शारिक साठा पर पहले से कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं और कहा जाता है कि वह पिछले पांच वर्षों से फरार है। संभल में हुई हिंसा का मास्टरमाइंड होने के कारण पुलिस उसकी गिरफ्तारी पर विशेष ध्यान दे रही है। हिंसा के बाद जैसे ही उसका नाम सामने आया, पुलिस ने तुरंत पकड़ के लिए अभियान शुरू किया था, लेकिन वह अब तक पकड़ में नहीं आया है और वारंट के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुआ।