'सांसद बर्क को जानकारी थी', संभल हिंसा में बड़ा खुलासा, जफर अली ने सपा नेता जिया उर रहमान का नाम
संभल हिंसा के मामले में गिरफ्तार जफर अली की शुक्रवार को अदालत में पेशी होनी है। जफर अली ने जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
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Sambhal Violence: संभल में पिछले साल 24 नवंबर को हुई हिंसा के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में संभल की जामा मस्जिद प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जफर अली से पूछताछ हुई, जिसने समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क का नाम लिया है। जफर अली इस समय पुलिस की गिरफ्त में है। अली को 23 मार्च को संभल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। संभल की हिंसा में चार लोग मारे गए थे और कई घायल थे।
फिलहाल संभल की हिंसा को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क का नाम आया है। सपा सांसद पर पहले ही इस मामले में आरोप थे और पुलिस उनके खिलाफ एक्शन भी ले चुकी थी। सूत्र बता रहे हैं कि एसआईटी की पूछताछ के बीच जफर अली ने जिया उर रहमान का नाम लिया है। उन्होंने जांच टीम के सामने कबूल किया है कि 24 नवंबर को सर्वे की जानकारी सांसद जिया उर रहमान बर्क को थी।
पुलिस ने केस डायरी दाखिल की!
संभल हिंसा मामले में पुलिस की तरफ से केस डायरी दाखिल करने की भी जानकारी है। बताया जाता है कि इस केस डायरी में कथित तौर पर ये दावा है कि हिंसा पूर्व नियोजित थी। मामले में गिरफ्तार जफर अली की शुक्रवार को अदालत में पेशी भी होनी है। जफर अली ने जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पिछली बार कोर्ट ने सुनवाई 4 अप्रैल के लिए स्थगित कर दी थी।
संभल में कानून व्यवस्था कड़ी की गई
शुक्रवार के दिन जुम्मे की नमाज के साथ आगामी त्योहारों को लेकर संभल में पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। शुक्रवार को संभल में पुलिस ने फ्लैट मार्च निकाल। कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखने के लिए संभल पुलिस ने रूट मार्च किया और ड्रोन का इस्तेमाल किया। सीओ अनुज चौधरी कहते हैं, 'ये एक नियमित मार्च है। राम नवमी, हनुमान जयंती और अंबेडकर जयंती भी आ रही है, इसलिए हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं। आज जुम्मा भी है और सब कुछ सामान्य रूप से चलेगा।'