Sambhal Violence: संभल हिंसा के एक साल पूरे होने पर ऑपरेशन 'सुरक्षा कवच' लागू, हाई अलर्ट पर पुलिस; DM ने दिए ये निर्देश

संभल हिंसा के एक साल पूरे होने पर शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई कदम उठाए गए है। शहर को 16 सेक्टरों में बांटा गया है। जिले में हाई अलर्ट मोड में ऑपरेशन 'सुरक्षा कवच' लागू कर दिया गया है।

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Sambhal violence
Sambhal violence | Image: ANI

यूपी के संभल में हुई हिंसा के आज, 24 नवंबर को एक साल पूरे हो गए। शाही जामा मस्जिद के अंदर हरिहर मंदिर होने के दावा पर किए गए सर्व के दौरान हिंसा भड़की थी। अब हिंसा की घटना के एक साल पूरे होने पर पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है। शहर में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।

संभल हिंसा की बरसी को लेकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई कदम उठाए गए है। शहर को 16 सेक्टरों में बांटा गया है। जिले में हाई अलर्ट मोड में ऑपरेशन 'सुरक्षा कवच' लागू कर दिया गया है।  प्रशासन किसी भी कीमत पर हालात दोबारा बेकाबू नहीं होने देना चाहता। यही वजह की अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।

अभेद किला बना संभल

संवेदनशील इलाकों में पुलिस और RAF के जवान की तैनात की गई है। जिले के विवादित धार्मिक स्थल, हिंदूपुरा खेड़ा और अंजुमन तिराहा सहित पूरे संभल इलाके को 16 सेक्टर में बांटा गया है, जहां मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने तैनाती क्षेत्र के 200 मीटर की परिधि में आने वाले मार्गों का निरीक्षण करेंगे।

DM ने जताई ये आशंका

रविवार देर रात संभल DM डॉ राजेंद्र पैंसिया ने आदेश जारी करते हुए साफ शब्दों में कहा कि पिछले साल 24 नवंबर को हुए पथराव, आगजनी और गोलीबारी ने जिले को झकझोर दिया था। इस बार किसी भी कीमत पर शांति भंग नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन को आशंका है कि बरसी के दिन कुछ संगठनों द्वारा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की जा सकती है। इसलिए हर सेक्टर में मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है।

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क्यों भड़की थी संभल में हिंसा?

बता दें कि, हिंदू पक्ष के कुछ समूहों का दावा है कि संभल स्थित मुगलकालीन जामा मस्जिद पूर्व में हरिहर मंदिर को ध्वस्त करके बनाई गई थी। इस मामले को लेकर स्थानीय अदालत के आदेश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने पिछले साल 19 नवंबर को मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण किया था। इसके बाद 24 नवंबर को एडवोकेट कमिश्नर की टीम सर्वे की अंतिम कार्रवाई कर रही थी।

24 नवंबर को दूसरे सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी। कुछ लोगों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू किया और फिर पथराव, आगजनी, गोलीबारी ने स्थिति को पूरी तरह बेकाबू कर दिया था। गोलीबारी की घटना में कई लोगों की मौत हुई थी तो कई पुलिसकर्मी सहित आम लोग घायल हो गए थे। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए डीएम ने तहसील संभल क्षेत्र को अतिसंवेदनशील घोषित कर दिया है।

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड