UP: प्रदेश में SIR पर छिड़ा संग्राम, अखिलेश यादव ने फिर उठाए सवाल, पूछा- यूपी में तुरंत कोई चुनाव नहीं तो फिर यह जल्दीबाजी क्यों?
Akhilesh Yadav: बिहार चुनाव से पहले भारत की राजनीति में SIR का मुद्दा जो गर्म हुआ, वो अभी तक नहीं रुक रहा है। समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने फिर से SIR को लेकर बीजेपी और चुनाव आयुक्त पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने SIR को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।
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Akhilesh Yadav: संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो चुका है। ऐसे में लाजमी था कि देश की सड़कों पर जो विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा चल रहा है उसे संसद तक पहुंचना ही था। बिहार चुनाव से पहले भारत की राजनीति में SIR का मुद्दा जो गर्म हुआ, वो अभी तक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शीतकालीन सत्र के इतर समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने फिर बीजेपी और चुनाव आयुक्त पर SIR को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा “SIR को लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए नहीं है।” इसके अलावा BLO को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरने की कोशिश की।
SIR से वोट काटा जा रहा है-अखिलेश यादव
मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा "लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब हमसे वोट देने का अधिकार नहीं छीना जाएगा। एसआईआर (SIR) प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए नहीं, बल्कि कुछ व्यक्तियों के लिए वोट काटने के लिए चलाई जा रही है। मुझे जानकारी मिली है कि उन्होंने (BJP) ने नोएडा में कई बड़ी आईटी कंपनियों को काम पर रखा है और उनके पास यूपी की मतदाता सूची का विवरण है, जो एसआईआर के माध्यम से वोट काट रहे हैं।"
यूपी में चुनाव नहीं तो SIR क्यों?
अखिलेश यादव बीजेपी पर आरोप लगते हुए उन्होंने कहा "उत्तर प्रदेश में बीएलओ भारी तनाव में हैं और फॉर्म भी नहीं भर पा रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब उत्तर प्रदेश में कोई चुनाव नहीं है, तो एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने में इतनी जल्दबाजी क्यों है।"
12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR जारी
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया जारी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण जारी है।