UP: बाढ़ पीड़ित परिवारों को फसल और मकान क्षति का तत्काल सर्वे कर मुआवजा, 48 घंटे के भीतर राहत किट... प्रभावित इलाकों का दौरा कर CM योगी ने दिया आदेश

अतिवृष्टि से प्रभावित जनपद चित्रकूट का भ्रमण कर लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की।

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Provide every possible assistance to flood-affected families, immediate survey and grant compensation: CM Yogi
UP: बाढ़ पीड़ित परिवारों को फसल और मकान क्षति का तत्काल सर्वे कर मुआवजा, 48 घंटे के भीतर राहत किट... प्रभावित इलाकों का दौरा कर CM योगी ने दिया आदेश | Image: Republic

अतिवृष्टि से प्रभावित जनपद चित्रकूट का भ्रमण कर लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और फसल तथा मकान की क्षति का तत्काल सर्वे कराकर पात्र लोगों को नियमानुसार सहायता दी जाए। मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया में हुए अतिक्रमण का चिन्हांकन कर उसे हटाने की कार्रवाई कराने, नदी पर बने फुट ओवर ब्रिज का सेफ्टी ऑडिट कराने तथा मंदाकिनी में सीवर और नालों का पानी किसी भी दशा में न जाने देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने चित्रकूट धाम के व्यापारियों और मठ-मंदिरों को हुए नुकसान का आकलन कर सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसल क्षति का सर्वे शीघ्र पूरा कराया जाए और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।

राहत किट का वितरण 48 घंटे के भीतर

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट धाम के व्यापारियों को हुए नुकसान का आकलन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित व्यापारियों को सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। मठ-मंदिरों को हुई क्षति का भी सर्वे कराया जाए और उनकी मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए। इन धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण में शासन आवश्यक सहयोग करेगा।

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राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शेष राहत किट का वितरण 48 घंटे के भीतर प्रभावित लोगों के बीच सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रशासन प्रभावित परिवारों के बीच लगातार मौजूद रहकर उनकी जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराए।

साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान

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मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार उपलब्ध रहें और प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सहायता समय पर मिले। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। इसे देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और किसी भी बीमारी के लक्षण सामने आने पर तत्काल उपचार और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण के संबंध में शासन के अधिकारियों को जनपदीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कैचमेंट एरिया में हुए अतिक्रमण का चिन्हांकन कर नियमानुसार उसे हटाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही, घाट के विस्तारीकरण के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पवित्र मंदाकिनी नदी में किसी भी दशा में सीवर या नालों का पानी नहीं जाना चाहिए। इसके लिए पर्यटन, सिंचाई और नगर विकास विभाग आपसी समन्वय से ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू करें। उन्होंने कहा कि मंदाकिनी चित्रकूट की आस्था से जुड़ी है। इसकी स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।

मंदाकिनी नदी पर बने फुट ओवर ब्रिज की सुरक्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी को उसका सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े निर्माण कार्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट धाम से एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि इस मार्ग का कार्य विजयादशमी से पहले हर हाल में पूरा कराया जाए। कार्य में हुए विलंब के कारणों की समीक्षा कर संबंधित की जवाबदेही तय की जाए।

मुख्यमंत्री ने पशुधन की सुरक्षा के लिए गोशालाओं की जांच कराने और वहां पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंपी डिजीज से बचाव के लिए भी सभी आवश्यक प्रबंध करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत और पुनर्वास के साथ चित्रकूट के लिए ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे भविष्य में अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति में होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। इसमें मंदाकिनी के प्राकृतिक प्रवाह, कैचमेंट एरिया, अतिक्रमण, जल निकासी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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