Prayagraj Murder: बेटे अभिषेक ने दोस्त संग कर दी मां-बाप और बहन की हत्या, फिर दोस्त ने उसे भी उतारा मौत के घाट, हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा
प्रयागराज में करोड़पति परिवार की 4 हत्याओं का मामला पुलिस ने 12 घंटे के अंदर ही सुलझा लिया है। हत्या की पूरी कहानी सुनकर कोई भी हैरान रह जाएगा, दरअसल परिवार की हत्या बेटे के दोस्त ने की थी और हैरानी वाली बात ये है कि बेटा अभिषेक भी इस हत्या में शामिल था, लेकिन दोस्त ने उसे भी मार डाला, जानें क्या है पूरा कहानी? पढ़ें खबर।
- भारत
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Prayagraj Murder Case: प्रयागराज में साउथ मलाका के हीवेट रोड चौराहे पर एक करोड़पति परिवार के 4 सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले को 12 घंटे के अंदर सुलझा लिया और इन हत्याओं के आरोपी सनी गुप्ता को गिरफ्तार भी कर लिया।
हत्या की पूरी कहानी क्या थी?
पुलिस के मुताबिक, मृतक वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी पत्नी अनीता (65), बेटी मीनाक्षी (40) और बेटे अभिषेक (38) की हत्या की साजिश अभिषेक ने अपने पड़ोसी दोस्त सनी गुप्ता के साथ रची थी। अब यहां ये ध्यान रखना है कि बेटे अभिषेक ने ही हत्या की कहानी रचि थी, लेकिन दोस्त से झगड़ा होने पर दोस्त ने ही अभिषेक की जान ले ली। यानी, जिनसे साजिश रची उसकी ही हत्या कर दी गई।
पुलिस पूछताछ में सनी गुप्ता ने खुलासा किया कि अभिषेक संपत्ति के लालच में अपने माता-पिता और बहन को मारना चाहता था। पहले दोनों ने पूरी प्लानिंग बनाई इसके बाद दोनों ने मिलकर ऊपरी मंजिल पर लोहे की रॉड से वार कर तीनों की हत्या कर दी। इसके बाद डेढ़ करोड़ रुपये के आभूषण लूट लिए।
यहां हुआ मामले में यू-टर्न, अभिषेक को ही मार दिया
जब दोनों ने घर के आभूषण लूट लिए और फिर नीचे दुकान में आगे आभूषण बांटने लगे तो अभिषेक और सनी के बीच कहा-सुनी होने लगी, विवाद बढ़ते बढ़ते इतना बढ़ गया कि, सनी ने अभिषेक की भी रॉड से हत्या कर डाली और उसके चेहरे पर केमिकल डालकर फरार सनी वहां से फरार हो गया।
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इसके बाद पड़ोसियों को घर से बदबू आने लगी, फिर पुलिस ने मकान का ताला तोड़कर अंदर का खौफनाक मंजर देखा, जहां 3 शव खून से लथपथ पड़े थे और नीचे दुकान में अभिषेक का शव मिला।
गुमराह करने के लिए गत्ते पर लिखा था नोट
अब यहां जब पहले मामला सामने आया तो, दोनों आरोपियों ने गुमराह करने के लिए कमरे में एक गत्ता छोड़ दिया था, जिसपर उन्होंने लिखा था- 'बंटी, बबली और बहू ने मारा', ताकि मामले को घुमाया जा सके और उन पर किसी का शक ना जाए, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था, दोनों में झगड़ा होता है और फिर कहानी बदल जाती है।