'12 बजे तक अली-अली, उसके बाद बजरंग बली... ', ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार, क्यों बोले- उनकी बात पर भरोसा नहीं?
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वे एक तरफ टोपी पहन कर नमाज पढ़ते हैं और दूसरी तरफ अयोध्या जाकर त्रिशूल और चक्र लेकर हिंदू बन रहे हैं। 12 बजे तक अली-अली और 12 बजे के बाद बजरंगबली करते हैं।
- भारत
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OP Rajbhar on Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव दिन में 12 बजे तक 'अली-अली' बोलते हैं और उसके बाद 'बजरंगबली' का नाम लेते हैं।
ओपी राजभर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी में हर तरह के लोगों को पाल रखा है। उनकी पार्टी में गुंडा, माफिया, लुटेरा, बलात्कारी समेत हर प्रकार के लोग हैं। यह बात सिर्फ मैं नहीं कह रहा हूं। शिवपाल यादव ने जब प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनाई थी तब उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी चोर-उचक्कों की पार्टी हो गई है। इसमें गरीबों की जमीन पर कब्जा करने वाले, शराब माफिया आ गए हैं।' उन्होंने दावा कि अब की समाजवादी पार्टी पहले वाली पार्टी नहीं रही है।
'एक तरफ नमाज, दूसरी तरफ त्रिशूल…'
राजभर ने आगे कहा, 'अखिलेश जी का एक बात बताओ जिस पर वे अडिग है। अभी ज्वलंत उदाहरण बताता हूं, वे अयोध्या गए थे। एक तरफ टोपी पहन कर नमाज पढ़ते हैं और दूसरी तरफ अयोध्या जाकर त्रिशूल और चक्र लेकर हिंदू बन रहे हैं। 12 बजे तक अली-अली और 12 बजे के बाद बजरंगबली।'
अखिलेश पर राजभर का हमला
उन्होंने अखिलेश यादव के यूपी के मुख्यमंत्री को चुनौती देने वाली बात का जिक्र करते हुए कहा, 'अभी-अभी उन्होंने योगी जी को चुनौती थी जिसे उन्होंने स्वीकार भी किया। लेकिन अब वे किस प्रकार का बयान दे रहे हैं? उनकी बात पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। वे अपनी किसी बात पर खरे नहीं उतरते हैं।'
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'अखिलेश राम मंदिर जाएंगे, तो भाईजान नाराज हो जाएंगे'
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश की राजनीति उफान पर है। यहां आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इससे पहले राजभर ने कहा था कि अखिलेश अयोध्या जा सकते हैं, लेकिन राम मंदिर नहीं जाते। अखिलेश राम विरोधी हैं। अगर अखिलेश यादव राम मंदिर चले जाएंगे तो उनके भाईजान नाराज हो जाएंगे। उन्होंने सवाल किया- जो भगवान श्रीराम का दर्शन करने अयोध्या नहीं जा सकता, वह कृष्ण भगवान का दर्शन करने कहां जाएगा?
उन्होंने यह भी कहा था कि अखिलेश यादव सनातन को नहीं मानते। वे मुस्लिमों की मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ सकते हैं, लेकिन मंदिर में जाकर दर्शन और कथा नहीं सुन सकते।