खुद को 'बेहया' क्यों बोले ओपी राजभर? अखिलेश यादव पर भी जमकर किया प्रहार, बोले- कभी नमाज पढ़ने, तो कभी सेवई खाने जाते हैं लेकिन...
ओपी राजभार ने यूपी के मऊ में अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश 'दुविधा' में हैं। वह कभी नमाज पढ़ने तो कभी सेवई खाने जाते हैं। लेकिन मंदिर जाने से कतराते हैं।
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OP Rajbhar on Akhilesh Yadav: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की दादरी रैली पर पलटवार किया। साथ ही उन पर धार्मिक पहचान को लेकर स्पष्ट नहीं होने का आरोप लगाया।
दरअसल, ओपी राजभर गुरुवार, 2 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र स्थित कसारी गांव पहुंचे थे। यहां उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क की प्रतिमा का अनावरण किया। इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा।
खुद को बेहया क्यों बोले ओपी राजभर?
ओपी राजभर ने अपने संबोधन में कहा, 'हम बहुत बेहया नेता हैं। बेहया उस पौधे की तरह हैं जो पोखरी में थोड़ा भी हो तो फैल जाता है। मेरा नाम सुनते ही अधिकारी काम कर देते हैं, क्योंकि वह जानते हैं कि यह हल्ला करेगा।'
जनता के लिए किसी से भी भड़ने को तैयार- राजभर
उन्होंने यह तक कह डाला कि वह जनता के न्याय के लिए डीएम, मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य सचिव तक, किसी से भी भिड़ जाने को तैयार रहते हैं। लेकिन लोग उन्हें कहते हैं कि वह मनबढ़ हैं, मनबढ़ नहीं है। बाबा साहब की संविधान की ताकत से हम सभी को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि सभी- अमीर और गरीब एक बराबर हैं। वह कहते हैं कि वह बाबा साहेब के संविधान की ताकत से गरीबों को न्याय दिला रहे हैं।
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अखिलेश यादव पर किया प्रहार
वहीं सपा की दादरी रैली पर ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव न ही पूरी तरह हिंदू बन पा रहे हैं और न ही मुसलमान। राजभर ने कहा, ‘अखिलेश कभी नमाज पढ़ने तो कभी सेवई खाने जाते हैं, लेकिन मंदिर जाने में कतराते हैं। वह पहले यह तय कर लें कि वह नमाजी हैं या फिर मंदिर वाले।’
उनके अनुसार, सपा प्रमुख अयोध्या और मथुरा दर्शन करने से परहेज करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव का इतिहास यही है।