'मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना...', राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए जाने के बाद Raghav Chadha ने तोड़ी चुप्पी
राज्यसभा उपनेता के पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने पूछा कि क्या आम जनता के मुद्दे उठाना अपराध है, आखिर उनका गुनाह क्या है।
- भारत
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Raghav Chadha: कभी अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने वाले नेता राघव चड्ढा को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया। अब खुद पर हुई इस कार्रवाई को लेकर राघव चड्ढा ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सीधे-सीधे कहा कि उन्हें खामोश कराया गया है, लेकिन वो हारे नहीं हैं।
राघव चड्ढा ने कहा कि जनता के मुद्दे उठाने के कारण उन पर कार्रवाई हुई है। उन्होंने एक वीडियो संदेश के जरिये अपना पक्ष रखा और कई सवाल खड़े किए।
जनता के मुद्दे उठाना गुनाह है?- राघव चड्ढा
राघव चड्ढा ने अपने एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि 'मुझे जब-जब संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं और शायद ऐसे विषय उठाता हूं जिन्हें आमतौर पर संसद में नहीं उठाया जाता है। लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना, जनता के मुद्दों पर बात करना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया? कोई गलती कर दी? ये सवाल मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सेक्रेटेरिएट को यह कहा कि राघव चड्ढा के संसद में बोलने पर रोक लगा दी जाए।'
'मैं देश के आम आदमी की बात करता हूं फिर क्यों…'
उन्होंने आगे कहा कि 'जी हां, आम आदमी पार्टी ने संसद को यह सूचित किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने का मौका न दिया जाए। अब भला कोई मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहेगा? मैं तो जब बात करता हूं, देश के आम आदमी की बात करता हूं। एयरपोर्ट पर मिल रहे महंगे खाने की बात रखी, जोमैटो-ब्लिंकिट डिलीवरी के रायडर्स की समस्या रखी, खाने में मिलावट का मुद्दा उठाया, टोल प्लाजा लूट से लेकर बैंक चार्जेस लूट की बात की। यहां तक कि मिडिल क्लास के टैक्स से बोझ से लेकर कॉन्टेन्ट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक क्यों की जाती है, टेलिकॉम कंपनियां कैसे 12 महीने में 13 बार हमसे रिचार्ज कराती हैं जैसे तमाम मुद्दे सदन में उठाए।'
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राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर साधा निशाना
AAP नेता आगे कहते हैं, ‘ये मुद्दे उठाने के बाद देश के आम आदमी का फायदा तो हुआ, लेकिन इससे आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ? भला कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? कोई मेरी आवाज को क्यों बंद करना चाहेगा?’
उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा, ‘खैर, आप लोग मुझे असीमित प्यार देते हैं। मैं जब-जब आपके मुद्दे उठाता हूं, आप मेरा समर्थन करते हैं, मुझे शाबाशी देते हैं और मेरा हौसला बढ़ाते हैं। मैं आपको धन्यवाद देना चाहता हूं। ऐसे ही मेरा साथ और मेरा हाथ थामे रखिएगा, छोड़िएगा मत। मैं आपसे हूं और आपके लिए हूं।’
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मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना- राघव
राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, 'जिन लोगों ने आज संसद में मेरे बोलने का अधिकार मुझसे छीन लिया, मुझे खामोश कर दिया, मैं उन्हें भी कुछ कहना चाहता हूं। मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं वक्त आने पर सैलाब बनता है। जय हिंद।'
अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की कुर्सी
बता दें कि आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया था। उनकी जगह अशोक मित्तल को दे दी। पार्टी ने इसकी जानकारी राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर दी थी।