अपडेटेड 19 January 2026 at 19:53 IST
Noida: इंजीनियर की मौत मामले में योगी सरकार का ताबड़तोड़ एक्शन, नोएडा अथॉरिटी के CEO डॉ. लोकेश पर गिरी गाज, पद से हटाया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने नोएडा अथॉरिटी के CEO डॉ. लोकेश एम को सभी पदों से हटाकर वेटिंग में डाल दिया। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया है।
- भारत
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ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में 16-17 जनवरी की रात को सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई। युवराज गुरुग्राम से अपनी कंपनी से घर टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी, सेक्टर-150 लौट रहे थे। इस मामले का अब खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ संज्ञान ले रहे हैं और एक्शन शुरू हो गया है।
सीएम योगी ने बड़ा एक्शन लेते हुए नोएडा अथॉरिटी के CEO एम लोकेश को हटा दिया गया है। युवराज की कार घने कोहरे के कारण अनियंत्रित होकर एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए 20-40 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गई थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क पर कोई चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर या मजबूत बैरिकेडिंग नहीं थी, जबकि पहले भी कई बार सुरक्षा व्यवस्था की मांग की थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त रुख
यह मामला तेजी से सुर्खियों में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लिया। उन्होंने नोएडा अथॉरिटी के CEO डॉ. लोकेश एम को सभी पदों से हटा दिया और उन्हें वेटिंग में डाल दिया। साथ ही, मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है।
- SIT अध्यक्ष: एडीजी जोन मेरठ
- सदस्य: मंडलायुक्त मेरठ
- सदस्य: चीफ इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग (PWD)
सीएम योगी ने SIT को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह 5 दिनों के अंदर पूरी जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपे। इस दौरान सभी विभागों को निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा उपायों का दोबारा निरीक्षण करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
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प्रशासन की कार्रवाई
इस जगह पर 15 दिनों में यह दूसरा हादसा है। हादसे से पहले स्थानीय लोगों ने नोएडा अथॉरिटी से अलग-अलग समस्याओं को लेकर कई बार शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हादसे के बाद जब मामले ने तूल पकड़ा और रिपब्लिक भारत ने इस खबर को प्रमुखता से दिखाया, तब जाकर नोएडा अथॉरिटी की नींद टूटी। नोएडा अथॉरिटी ने तुरंत कदम उठाते हुए। ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर दिया। यातायात प्रबंधन से जुड़े अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। संबंधित 2 बिल्डरों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। पूरे क्षेत्र में निर्माण साइटों की सुरक्षा की समीक्षा के आदेश दिए गए हैं।
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Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 19 January 2026 at 19:43 IST