अपडेटेड 19 January 2026 at 19:27 IST

Noida: इंजीनियर की मौत मामले में CM योगी का एक्शन, 3 सदस्यीय SIT टीम करेगी जांच, 5 दिनों के अंदर सौंपनी होगी रिपोर्ट

UP News : मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है। SIT को 5 दिनों के अंदर पूरी जांच पूरी कर मुख्यमंत्री को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

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CM Yogi takes action in software engineer Yuvraj Mehta death Noida Sector-150 SIT formed
CM योगी का एक्शन, 3 सदस्यीय SIT टीम करेगी जांच | Image: Republic

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में 27 साल सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दिल दहला देने वाली मौत ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। यह घटना घने कोहरे की रात में हुई, जब युवराज अपनी कार से घर लौट रहे थे। कोहरे के कारण उनकी कार अनियंत्रित हो गई और एक निर्माणाधीन इमारत के लिए खोदे गए 20-40 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई।

सीएम योगी ने इस मामले में 3 सदस्यीय SIT का गठन किया है। युवराज ने दुर्घटना के तुरंत बाद अपने पिता राजकुमार मेहता को फोन किया और मदद की गुहार लगाई। वे कार की छत पर खड़े होकर करीब 90 मिनट से 2 घंटे तक "बचाओ-बचाओ" चिल्लाते रहे, मोबाइल की टॉर्च जलाकर अपनी मौजूदगी बताते रहे, लेकिन घने कोहरे, ठंडे पानी और सुरक्षा उपायों की कमी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी हुई।

3 सदस्यीय SIT का गठन

इस दर्दनाक हादसे का संज्ञान स्वयं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया। सीएम के निर्देश पर मामले की गहन जांच के लिए एक 3 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम का नेतृत्व एडीजी जोन कर रहे हैं, जबकि टीम में मंडलायुक्त मेरठ, एडीजी जोन मेरठ और चीफ इंजीनियर PWD भी शामिल हैं। SIT को 5 दिनों के अंदर पूरी जांच पूरी कर मुख्यमंत्री को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

इससे पहले नोएडा प्राधिकरण ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार को बर्खास्त किया गया है। कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए। युवराज के पिता की शिकायत पर पुलिस ने दो बिल्डरों के खिलाफ FIR भी दर्ज की है।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि युवराज की मौत Asphyxiation (दम घुटने) से हुई, उसके फेफड़ों में पानी भर गया था। साथ ही हार्ट फेलियर भी रिपोर्ट में दर्ज है। ठंडा पानी, तनाव और सांस न ले पाने की स्थिति ने उनकी जान ली। कई लोगों का मानना है कि अगर रेस्क्यू में देरी न होती, तो शायद जान बच सकती थी।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 19 January 2026 at 18:41 IST