पहले युवराज मेहता और अब आर्यन, नोएडा में 'लापरवाह' सिस्टम का शिकार हुआ एक और इंजीनियर; खुले नाले में गिरकर मौत; मां-बाप का था इकलौता बेटा

नोएडा सेक्टर-58 में बारिश के दौरान खुले नाले में गिरकर 27 साल के इंजीनियर आर्यन की मौत हो गई। जलभराव की वजह से नाला दिखाई नहीं दे रहा था। इस घटना ने युवरात मेहता की मौत की याद दिला दी, इस बार भी प्रशासन की लापरवाही को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, पूरी खबर पढ़ें

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Aryan engineer Noida accident
नोएडा में युवराज की तरह एक और इंजीनियर लापरवाह सिस्टम की भेंट चढ़ा, सेक्टर-58 के खुले नाले में गिरकर आर्यन की दर्दनाक मौत | Image: X

Noida open drain death: नोएडा में मानसून की पहली बारिश ने शहर की जल निकासी सिस्टम की पोल खोलकर रख दी हैं। नोएडा के सेक्टर-58 से दर्दनाक घटना सामने आई, जहां इंजीनियर आर्यन की नाले में गिरने से मौत हो गई। इस घटना ने पिछले साल नोएडा के सेक्टर-150 में हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले की यादें ताजा कर दी। युवराज की भी मौत प्रशासनिक लापरवाही के कारण एक जलमग्न गड्ढे में डूबने से हुई थी। लोगों का कहना है कि युवराज की मौत के बाद भी नोएडा विकास प्राधिकरण ने कोई ध्यान नहीं दिया। अभी भी सैकड़ों खुले नाले और टूटी स्लैब की वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

सेक्टर-58 में गुरुवार (9 जुलाई) को 27 साल का इंजीनियर आर्यन खुली नाली में गिर गया, बारिश का पानी सड़क पर भर जाने की वजह से आर्यन को नाला दिखाई नहीं दिया और वो इस हादसे का शिकार हो गया। आर्यन को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन जिला अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद लोग प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।

आर्यन की मौत कैसे हुई?

बारिश के बाद सेक्टर-58 ब्लॉक-ए की सड़कें पूरी तरह पानी से भर गई थीं। सड़क और नाला एक जैसे दिख रहे थे। नाले के ऊपर की स्लैब टूट चुकी थी और पानी में डूबी होने से बिल्कुल दिखाई नहीं दे रही थी। आर्यन सुबह पैदल अपने ऑफिस जा रहे थे। किनारे से गुजरते वक्त उनका पैर अचानक फिसल गया और वे करीब तीन फुट गहरे खुले नाले में गिर गए। मौके पर मौजूद लोगों ने आर्यन को नाले से बाहर निकाला और सीपीआर दिया गया, इसके तुरंत बाद आर्यन को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

घर में एकलौता कमाने वाला था आर्यन

आर्यन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के रहने वाले थे। वे नोएडा के सेक्टर-22 में दोस्तों के साथ किराए के फ्लैट में रहते थे। उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका था। परिवार का एकलौता सहारा होने के कारण वे अपनी मां का भी ध्यान रखते थे। मां फर्रुखाबाद में रहती हैं। हादसे के वक्त आर्यन के दोस्त शुभम उन्हें अस्पताल ले गए थे। इस हादसे से परिवार पर बहुत गहरा असर पड़ा है।

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मौत के कारण का खुलासा नहीं? 

आर्यन की मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण और बिजली विभाग के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो चुका है। एक तरफ नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि नाले के पास बिजली का खंभा था और पानी में करंट आ रहा था, इस वजह से आर्यन बेहोश होकर गिर गए। दूसरी ओर बिजली विभाग ने करंट लगने की बात से साफ इनकार किया है।

बिजली विभाग का कहना है कि ये घटना पूरी तरह जलभराव और खुले नाले की लापरवाही की वजह से हुई। हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।

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इंजीनियर युवराज की मौत से जोड़ा मामला

इस घटना ने पिछले साल सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की यादें ताजा कर दी हैं। युवराज भी पानी भरे गड्ढे में गिरकर जान गंवा बैठे थे। लोगों का कहना है कि उस घटना के बाद भी नोएडा विकास प्राधिकरण ने शहर में खुले नालों और टूटी स्लैब को ठीक करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए। वहीं, हादसे के तुरंत बाद सेक्टर-58 के सभी नालों को स्लैब से ढक दिया गया है। स्थानीय लोग और आर्यन के परिजन प्राधिकरण पर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं। बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए खुले नालों को ढकने की जरूरत पर ध्यान जाता है।    

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड