'मुगलिया सोच वाले...', कांवड़ियों पर मौलाना साजिद रशीदी के दिए बयान पर भड़के मंत्री जयवीर सिंह, कहा- सनातन का घनघोर अपमान किया
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि भगवान शिव का सच्चा भक्त कभी दंगाई नहीं हो सकता। मुझे लगता है कि अब मौलाना रशीदी को संयम बरतना चाहिए। इस तरह की टीका-टिप्पणी सनातन संस्कृति के प्रति सीधा अपमान करने का काम नहीं करना चाहिए।
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Jaiveer Singh on Maulana Sajid Rashidi Statement: उत्तर प्रदेश सरकार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मौलाना साजिद रशीदी के कांवड़ यात्रियों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मुगलिया सोच के लोग मुगलिया साम्राज्य में ही पल्लवित हुए। आज जो उनकी मानसिकता तुष्टिकरण को लेकर दिखाई दे रही है, वह पूरी तरह से सनातन विरोधी है।
दरअसल, मंत्री जयवीर सिंह शुक्रवार को गोंडा जनपद के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने देवीपाटन मंडल में अपने विभागीय कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने एक एजेंसी से बात करते हुए रशीदी के कांवड़ियों को 'आतंकी' बुलाने पर अपना गुस्सा जाहिर किया।
'इस तरह की टीका-टिप्पणी सनातन का अपमान…'
जयवीर सिंह ने कहा, 'देखिए, मुझे लगता है कि अब उनको अपना संयम बरतना चाहिए। इस तरह की टीका-टिप्पणी सनातन संस्कृति के प्रति सीधा अपमान करने का काम नहीं करना चाहिए। बड़ी आस्था और भावना है, जिनकी निष्ठा भगवान भोलेनाथ में होती है। वो अपना पूरा समय अच्छी मेहनत करेंगे, रात-दिन करेंगे। इस तरह की चर्चा करना, इस तरह की टिप्पणी करना, मैं समझता हूं कि गहरे रूप से सनातन के अपमान का विषय है। इसकी निंदा की जानी चाहिए।'
भोले का भक्त कभी दंगे नहीं कर सकता- मंत्री
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'भगवान शिव का सच्चा भक्त कभी दंगाई नहीं हो सकता, निश्चित रूप से वह बहुत ही मेहनत और अपनी भावना के साथ गंगा जल लाता है और आस्था के केंद्र शिवलिंग पर चढ़ाता है। वह कहीं भी अपनी ओर से कोई गलती नहीं करेगा। कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कांवड़ियों के भेष में होते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।'
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क्या है पूरा मामला?
मौलाना साजिद रशीदी ने कांवड़ यात्रा को लेकर कहा था कि आप उन लोगों को शिवभक्त बोलते हैं जो सड़कों पर बैठकर शराब पी रहे हैं, नशा कर रहे हैं, जो पुलिस वालों को वर्दी में रहते हुए पीटते हैं, स्कूल वैन के शीशे तोड़ देते हैं और बच्चों को घायल कर देते हैं। इतना ही नहीं, वे मरीजों की वैन तक को नहीं छोड़ते। और एक मरीज को परेशानी की हालत में, बीमारी की हालत में उससे कह रहे हैं, 'जय श्री राम के नारे लगाओ', ये शिवभक्त हैं? ये शिवभक्त नहीं हैं, ये तो आतंकवादी हैं। उनके इस बयान के बाद मामला तूल पकड़ चुका है।